रविवार, 20 अप्रैल 2014

गीत





नवल गीत हम लीखि रहल छी
नव लय ओ नव तालमे
नव नव हम गीत सुनायब
नव स्वर नव भासमे

जहिना गुजरए जिगनी सदिखन
जन्म जरा ओ मृत्युसँ
परंपरा गुजए तहिना
आदि मध्य ओ अंतसँ
भेल पुरान गीत पहिलुका
नै रोचै अचि समाजकेँ

अछि आवश्यकता नव गीतक
नव प्रीतक पहिचान लेल
अछि आवश्यकता नव भासक
नव स्वरक उत्थान लेल
ल' गर्भमे हम आबि रहल छी
नव सृष्टिक नव अंशकेँ.................


सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

Read more...

शनिवार, 19 अप्रैल 2014

मुदा किछु तँ करू

बाल कविता

मुदा किछु तँ करू
------------------------------

मुदा किछु तँ करू
बरू फुटले डाबामे पानि भरू
मुदा किछु तँ करू


ई मोन थिक रखबाक
जे नै थिक केखनो रुकबाक
नै शेर तँ सियारेसँ लड़ू
मुदा किछु तँ करू

बाट पाटल होइक
रूइसँ की सूइसँ
फूलसँ की शूलसँ
सदिखन अपन धुनिमे बढ़ू
मुदा किछु तँ करू

पाँछा पलटि ताकू मुदा जरूरति भरि
थाकि रुकबो करू मुदा जरूरति भरि
नै केखनो कोनो फेरमे पड़ू
मुदा किछु तँ करू

Read more...

बुधवार, 9 अप्रैल 2014

MAITHILI-ENGLISH / ENGLISH-MAITHILI DICTIONARIES

गजेन्द्र ठाकुर, नागेन्द्र कुमार झा आ पञ्जीकार विद्यानन्द झा

MAITHILI-ENGLISH DICTIONARIES

Read more...

जीनियोलोजिकल मैपिंग (४५० ए.डी.सँ २००९ ए.डी.)--मिथिलाक पञ्जी प्रबन्ध

गजेन्द्र ठाकुर, नागेन्द्र कुमार झा आ पञ्जीकार विद्यानन्द झा




जीनोम मैपिंग (४५० ए.डी.सँ २००९ ए.डी.)--मिथिलाक पञ्जी प्रबन्ध


http://www.box.net/shared/yx4b9r4kab (Click this link to download)

OR right click the following link and save target as:-







AND CLICK EACH OF THE FOLLOWING 17 LINKS TO DOWNLOAD ALL THE 11000 JPG IMAGES IN 17 PDF FILES.

पंजी (मूल मिथिलाक्षर ताड़पत्र)
 

Read more...

सगर राति दीप जरय

मिथिलाक खानपान...

मिथिलाक खानपान-नीलिमा चौधरी आ राखी साह... मखानक खीर सामग्री- दूध-१ १/२ किलो, चिन्नी-१०० ग्राम, मखान कुटल- १०० ग्राम, इलाइची पाउडर- स्वाद अनुसार, काजू- १० टा, किशमिश-२०टा बनेबाक विधि- मखानक पाउडर (कनी दरदरा)क पहिने १/२ किलो ठंढ़ा दूधमे घोरि लिअ, शेष दूध केँ खौला लिअ। आब गर्म दूधमे ई घोड़ल मखानक मिश्रण मिला दियौक आर करौछसँ लगातार चलबैत रहियौक जाहिसँ मिश्रण पेनीमे बैसय नहि। .... (आगाँ पढू)

मिथिला अरिपन....

मिथिला चित्रकला- स्त्री आ पुरुषक दशपात अरिपन / स्वास्तिक अरिपन... स्त्रीगणक दशपात अरिपनकन्याक मुण्डन,कान छेदन आ' विवाहक अवसर पर कुलदेवताक घर आकि मण्डप पर बनाओल जाइत अछि।बनेबाक- विधि। एकर बनेबाक विधि सूक्ष्म अछि।ऊपरमे तीन पातक पुष्प, ,ओकरनीँचा पाँच-पातक कमल-पुष्प,ओकर नीचाँ सात-पात युक्त्त कमल, बीचमे अष्टदल कमल अछि। दश पात चारू दिशि अछि। नौ टा माँछक चित्र सेहो अछि... (आगाँ पढू)

पाँच पत्र...


पाँच पत्र-हरिमोहन झा... प्रियतमे अहाँक लिखल चारि पाँती चारि सएबेर पढ़लहुँ तथापि तृप्ति नहि भेल। आचार्यक परीक्षा समीप अछि किन्तु ग्रन्थमे कनेको चित्त नहि लगैत अछि। सदिखन अहींक मोहिनी मूर्ति आँखिमे नचैत रहैत अछि। राधा रानी मन होइत अछि जे अहाँक ग्राम वृन्दावन बनि जाइत, जाहिमे केवल अहाँ आ हम राधा-कृष्ण जकाँ अनन्त काल धरि विहार करैत रहितहुँ... (आगाँ पढू)

© कॉपीराइट सूचना:
मैथिल आर मिथिला
सर्वाधिकार सुरक्षित। एहि जालवृत्तपर ई-प्रकाशित कोनो रचनाकेँ प्रिंट, दृश्य, श्रव्य,इलेक्ट्रॉनिक वा कोनो डाटा स्टोरेज माध्यमसँ स्थांतरण वा प्रकाशन बिना सम्बन्धित प्रस्तुतकर्त्ता/ लेखकगणक, जिनकामे ओहि रचनाक कॉपीराइट निहित छन्हि, लिखित अनुमतिक नहि कएल जा सकैत अछि।

  © Maithil Aar Mithila. All rights reserved. Website Design By: Jitmohan Jha (Jitu)

Back to TOP