मंगलवार, 14 अप्रैल 2015

मिथिलाक पाबैन जूड़ शीतल


Manoj Pathak  
  मिथिलाक पाबैन जूड़ शीतलक मंगलकामना
आई बड़का पाबनि अछि। नव वर्ष शुरु भ, रहल अछि। अपन सब वरिष्ठकें सादर प्रणाम आ कनिष्ठ लोकनि जुड़ाउ, शीतल रहू।
जुड़य तनक एक -एक कोशिका आ स्वस्थ राखय मोनक एक -एक तन्तु जाहिसं आइसं शुरु भ, रहल नवका साल बर्ख भरि तन मन के राखय प्रसन्न। 
शीतायल रहय अन्तरमनमे अहरनिश पजरल आगि जे धधकबैत रहैत अछि पल-पल ईर्ष्या, द्वेश, अहंकार, अहमन्यता जाहिसं समेटाइत जाइत अछि प्रियजनक संसार।
बसिया पाबनि अछि आई, आंच नहि पजरैत छलैक आइ भोरे भोर नेनावस्थामे हमर आ बसिया बड़ी भातक जलखई आ भोजनो होइत छल। पटनामे जलक संग सतुआ दान आ सतुआ पानक चलन छलैक।
रहल छलहुं एकाधे बेर अपन गाम गजहरामे जतक छलाह महामहोपाध्याय उमेश मिश्र, आदरणीय जयकान्त बाबू .......आ आरो बहुत रास लोक जनिका नामसं गामक नाम छल प्रसिद्ध ।

समकालमे अही गामक आनुवंशिकता लेने दुनिया भरि घूमैवला फेसबुक मित्र समाजक हेमकान्त बाबू , जनिक विविध बहुरंगी छटा झलकबैत, बिहुंसबैत फोटो खूब चाओ सं देखैत छी हम , हमर जीवन संगिनी आ धीया पूता सेहो...
भाई विधुकान्त जी सेहो अही गामक जे फेसबुक पर अपन सक्रिय भागीदारी सं सब नीक काज के आगां बढ़ेबाक लेल समान भावसं सबके दैत छथि प्रोत्साहन आ स्वास्थ्योपयोगी आ जीवनोपयोगी बहुत सूचना पठबैत रहैत छथि व्यापक मित्र समाजक लाभक लेल सदिखन.....
बीरू भाई सेहो अही गामक जे हेमनि में मित्र वर्गमे जुड़लाह आ बहुत रास पछिला अगिला खाढ़ीक समांग सेहो संगहि छी जुड़ल फेसबुक मित्र समुदाय मे जाहिमे संबंधमे तं कका मुदा संगमे मीता सेहो, नवीन बाबू सेहो गजहरेक थिकाह।
सब केओ जुड़ायल रही से कामना मां भगवती सं ।
आब गामसं निकलिक आशीर्वाद ली गुरुजनसं जाहिमे सम्मिलित छथि फेसबुकक जन्मसं बहुत पहिनेसं सदिखन आशीर्वाद बरिसबैत आदरणीय गुंजनजी जनिक स्नेह प्रतिपल अनुभव करैत छी हम, आदरणीय विभूतिजी जिनक चरिपतिये नहि अपितु अनेको रचना बहुत दूर धरि जेबाक सामर्थ्य रखैत अछि आ बहुत रास
आन अध्यापक , साहित्यकार समाजक वरिष्ठ सृजनशील संभावनावान, सब प्रणम्य आ सबसं अछि आशीर्वादक आकांक्षा जे जुड़यबाक दैथि आशीष। 
अनेको प्रणम्य निज रक्त वंशी परिवारक सदस्य सबसं सेहो फेसबुक माध्संयम सं छी हम सब जुड़ल, सबके प्रणाम आ सब छोटके आशीष , जुड़ल रहू, जुड़बैत रहू आगां बढैत रहू। जे फेसबुकसं नहि छथि जुड़ल मुदा हुनको तक पहुंचैत अछि सबटा समाद सबके चरण कमलमे सादर प्रणाम।
  जीवनमे वस्तुतः ने किछु छूटैत छैक ने किछु भेटैत छैक, बस समयक ई खेल जाहिमे किछु छूटैत किछु भेटैत रहबाक खेल खेलाइत रहैत छथि विधाता हमरा अहांक संग आ लोक सुखी वा दुखी होइत रहैत अछि।
गाम, घर आ परिवारसं बहरा क, आब ताकी फेसबुक आ इंटरनेट समाजक जगजियार मैथिल लोक के जे मिथि जकां ,मथि रहलाह अछि अपन देह आ जाबति तक समांग रहतैन बस ताबति तक हुनक संग रहथिन हुनक मैथिली, कारण विदेह बनिक, अपन ऊर्जा मुक्त क, क, अनकामे पैसि आ अनकर मोनमे बैसल रहबाक सामर्थ्य विद्यापतिक बाद किनकोमे नहि देखा रहल अछि हमरा।
विद्यापतिक पहिनेसं मिथिलाक लेल अपन तन मन अर्पित करैबला सब नायकक बाद, हुनक बादक पीढ़ीक नायक,क ऊर्जामे अभावे अभाव देखाइत अछि हमरा।
बादक सब मिथि अपन देह मथि जे राज्य वा छोट पैघ मठ बना पबैत छथि ओहिमे अपन मूरुत अपन सोचके अलावा अनकर मुरुत अनकर सोच स्वीकार करबाक वा कोनो फराक तर्क, वा सहयोगक कल्पने नहि क, पबैत छथि तंए हुनक मैथिली हुनक जीवनकालेमे हुनकहु सं पहिने धरतीमे सन्हिया जाइत छथि।
मुदा तैयो जतेक मिथि छी , मैथिली आ मिथिलाक उद्धार वा विकासक लेल प्रयासरत छी सबके शुभकामना, जुड़ायल रहू, शीतायल रहू, आ कतबो ताप सह, पड़य, धाहमे धधक, पड़य जूड़ शीतलक आशीष अहांक प्रयासमे सफलता आनय से कामना।
राजा जनकक, राज्य मिथिला लगातार आगुए बढि रहल अछि । मैथिलक संख्या लगातार बढिए रहल अछि। जे पलायन मिथिलासं देखाइयै वा जे विकासक आंकड़ा पाछा मुंहे देखाइयै ओकरा स्वीकार करितो मिथिलामे पछिला पांच दशकमे तुलनात्मक रूपसं समृद्धि साफ साफ देखाइत छैक। तुलना मिथिलाक हेबाक चाही मिथिलेक संग। आन प्रान्त वा आन देशक संग नहि।
भूखसं मृत्यु आब प्रायः नहि होइत छैक। लोकलाज वा अन्नक अभाव मे एको सांझ भूखल रहबाक स्थिति पहिनेक तुलनामे आई कम देखबाक लेल भेटत।
मैथिल समाजक सब वर्णक लोक जे मिथिलासं पलायन क, क, मिथिलासं बाहर गेलाह.... अपना संग मैथिलीके संग ल, गेलाह अपन पाबनि तिहार नहि बिसरलाह हुनक सूर्य भकरार भ, क, पूरा देशमे छठि पर उगैत दुनिया देखैत अछि।
बस एहिना जुड़ायल रहू, शीतायल रहू। मैथिल नव वर्ष पर शुभकामना, नव साल मंगलमय हो , हितकर हो सुखकर हो।
जे जत, कतहु छी अपना स्तरसं मैथिलीक लेल जे क, सकैत छी बस ओतबे करू तैयो मिथिला बढ़ैत रहत, मैथिली चलैत रहती आ मैथिल संतान जगजियार होइत रहताह। 
कहैथि छैथि -
आई प्रकृति जुड़ा रहल अछि
मैथिली नववर्ष मना रहल अछि । 
स्नेह सुधा सँ चुमा रहल अछि
जुइर-शीतल सभ करा रहल अछि॥

जय मैथिल जय मिथिला 

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सोमवार, 13 अप्रैल 2015

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली कवि सम्मेलन-२०१५ भव्यतापूर्वक संपन्न

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली कवि सम्मेलन-२०१५ भव्यतापूर्वक संपन्न

   मैथिली जिन्दाबाद!
  अप्रैल १२, २०१५. -
विराटनगर मे आयोजित एक दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन - २०१५ समारोहपूर्वक संपन्न कैल गेल। एहि सम्मेलन मे मैथिली भाषा ओ मिथिला संस्कृतिक कवि एवं अभियानी लोकनीक ४ पीढीक प्रत्यक्ष सहभागिता देखल गेल। खुल्ला आमंत्रण मे आयोजित एहि कार्यक्रम मे भारत ओ नेपाल सँ करीब १३० मैथिली कवि तथा ५० केर आसपास अभियानी लोकनिक उपस्थिति छल। नेपालक काठमांडु, रौतहट, जनकपुर, लहान, राजविराज, विराटनगर आदि सँ अनेको कवि लोकनिक सहभागिता रहल, तहिना भारतक सहरसा, दरभंगा, मधुबनी, राँची, पुर्णिया, दिल्ली, कानपुर, कोलकाता, अररिया सँ सहभागी भेला। कार्यक्रमक सीधा प्रसारण लाइव स्ट्रीमिंग द्वारा यूट्युब, स्काइप, जूम तथा मैथिली जिन्दाबाद केर वेब पेज सँ कैल गेल छल। अन्य देश यथा सउदी अरब, कतार आ भारतक विभिन्न भाग सँ स्रष्टा लोकनिक अनलाइन प्रस्तुति सेहो कैल गेल छल। एहि कार्यक्रमक देखबाक ओ सुनबाक आनन्द इन्टरनेट द्वारा प्राप्त केलनि।
     ज्ञात हो जे मैथिली भाषा मे स्रष्टा केवल आरक्षित जाति या वर्ग धरि नहि अछि आ अपन मातृभाषा सँ प्रेम हरेक मैथिलीभाषी मे बरोबरि अछि - एहि बात लेल ई समारोह - अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन 'स्वत: प्रमाणम् परत: प्रमाणम्' बनि संसारक समक्ष एकटा अनुपम उदाहरण प्रस्तुत केलक। केकरो मातृभाषा पर कदापि कोनो एक जाति भले ओ कतबो उच्च-बौद्धिक स्तरक कियैक नहि मानल जाय तेकर निजी वा आरक्षित भाषा नहि बनि सकैत अछि ई बात काल्हिक मैथिलीभाषी स्रष्टाक सर्वजातीय महाकुम्भ द्वारा पुन: स्थापित भेल।
    प्राज्ञ रमेश रंजन, प्रज्ञा परिषद् सदस्य, नेपाल संगीत तथा नाट्य प्रज्ञा प्रतिष्ठान, काठमांडु तथा सुप्रसिद्ध मैथिली गीतकार सियाराम झा सरस केर संयुक्त प्रमुख आतिथ्य तथा मैथिली सेवा समितिक अध्यक्षा डा. एस. एन. झा केर अध्यक्षता मे संपन्न एहि समारोहक प्रथम सत्र मे 'मैथिलीक वर्तमान अवस्था - राज्यक योगदान आ उपेक्षा' विषय पर केन्द्रित रहल। एहि सत्र मे लगभग ६५ वक्ता द्वारा विचार प्रस्तुति करैत ई स्पष्ट कैल गेल जे राज्य पर निर्भरता मैथिली भाषा लेल खतरनाक सिद्ध होयत, तैँ अखण्ड सनातनी सिद्धान्त अनुसार एहि भाषाकेँ सुरक्षित आ संवर्धित रखबाक लेल 'स्वयंसेवा आ स्वसंरक्षण'क सिद्धान्त मात्र कारगर होयत।
     दोसर सत्र मे देश-विदेश सँ पधारल कविक सहभागिता संग मुदा समयक चाप मे कवि-गोष्ठी केर आयोजन कैल गेल छल। एहि सत्रक अध्यक्षता सहरसा सँ आयल मैथिली कवि शिरोमणि अरविन्द मिश्र निरज कएलनि आ हुनकहि सुपुत्री मैथिलीक सुप्रसिद्ध युवा-पीढीक कवियित्री श्वाती साकम्भरीक सुन्दर सनक प्रस्तुतिक संग शुरु भेल छल। सभ कविक सहभागिता करेबाक प्रयास करितो दरभंगा, सहरसा, काठमांडु आ राँचीक वरिष्ठ कवि लोकनिक प्रस्तुति नहि करायल जा सकल। युवा पीढी लेल खास प्राथमिकता देबाक आ सब केँ समेटबाक सिद्धान्त पर आयोजित एहि कार्यक्रम मे बेसी रास सहभागिता युवा-युवती केँ देल गेल। दरभंगा सँ आयल सुप्रसिद्ध हास्य कवि जय प्रकाश जनक द्वारा करीब ४ महत्त्वपूर्ण प्रस्तुति दैत उपस्थित दर्शक केँ बेर-बेर हँसबाक लेल मजबूर कैल गेल। ताहि समय कार्यक्रमक विशिष्ट अतिथि भारतीय राजदूतावासक विराटनगर कैम्प अफिसकेर प्रमुख श्री पी के चालिया कार्यक्रम मे उपस्थित भऽ चुकल छलाह, ओहो जनकक कविता सुनि भरपुर आनन्द उठौलनि। तहिना बहुभाषिक कवि-गोष्ठी सेहो नाममात्र लेल कैल जा सकल, जाहि मे एक नेपाली भाषाक कविता अनेको सम्मान सँ सम्मानित विभूति श्री सुमन पोखरेल द्वारा आ तहिना उर्दूक मशहूर शायर अलानीन मियाँ बेचैन केर गजल आ शेरो-शायरी उर्दू मे प्रस्तुत कैल गेल छल। भागलपुर आ पटना विश्वविद्यालयक संग मिथिला विश्वविद्यालय सँ शोधार्थी छात्र लोकनिक नीक उपस्थिति एहि सत्र मे देखल जा सकल। मिथिलाक वर्तमान समाजिक अवस्था आ इतिहासगानक अतिरिक्त क्रान्तिक आवाज सँ भरल रहल ई सत्र आ खास बात यैह जे अधिकतम उपस्थित कवि लोकनि केँ समेटल जा सकल छल।
      पुन: तेसर सत्र मे मैथिली गजलक सुन्दर प्रस्तुति संग कार्यक्रमक प्रमुख अतिथि आ प्रसिद्ध गीतकार सियाराम झा सरस द्वारा कैल गेल छल। हिनक अतिरिक्त पवन नारायण, सुनील पवन, दिया चौधरी, प्रीति झा, धीरेन्द्र प्रेमर्षि, सुभाषचन्द्र झा, देवांशी चौधरी, भावना चौधरी, अम्बिका चौधरी तथा प्रवीण नारायण चौधरी द्वारा विभिन्न स्वादक मैथिली गीत प्रस्तुत कैल गेल। अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली कवि सम्मेलन-२०१५ द्वारा घोषित सम्मान पत्र सहरसा मे पत्रकारिता करैत मैथिली भाषा ओ मिथिला संस्कृति प्रति समर्पित योगदान करनिहार कन्हैयाजी, कुमार आशीष आ सुभाषचंद्र झा केँ भारतीय राजदूतावास अधिकारी श्री पी के चालियाक हाथ सँ सम्मान देल गेल। एहि कार्यक्रम मे सहभागी लोकनि केँ प्रशस्ति पत्र प्रदान कैल गेल। एहि कार्यक्रमक मध्य मे मैथिली जिन्दाबाद डट कम - समाचार पोर्टलक उद्घाटन कैल गेल छल। तहिना मिथिला डायरेक्ट्री २०१५ केर विमोचन मंचासीन अतिथि लोकनि द्वारा कैल गेल छल। संगहि काञ्चीनाथ झा किरणकेँ समर्पित मिथिलाक्षर किरण फोन्ट्स केर विमोचन मैथिली फाउन्डेशनक संस्थापक कौशल कुमारक उपस्थिति मे रमेश रंजन व धीरेन्द्र प्रेमर्षि द्वारा कैल गेल छल।
        दिल्ली सँ विशिष्ट अतिथि अमरनाथ झा, संजीव सिन्हा, विमलजी मिश्र, अखिलेश मिश्र, सुनील पवन - कानपुर सँ विशिष्ट अतिथि मिथिलाँचल महासभाक संस्थापक श्री रविनाथ मिश्र, अध्यक्ष अमित झा आ प्रवक्ता अनिल झा, सहरसा सँ शिक्षाविद् अभिमन्यु खाँ, समाजसेवी सुमन समाज, अभियानी अमित आनन्द, कुन्दन मिश्र, दिलीप कुमार चौधरी, आदि, सुपौल सँ विशिष्ट अतिथि तथा मैथिली कविता-कथा-नाटक केर सर्वविदित स्रष्टा अरविन्द कुमार ठाकुर, मधुबनी सँ सदरे आलम गौहर, दीपनारायण विद्यार्थी, दरभंगा सँ डा. मंजर सुलेमान, उदय शंकर मिश्र, राम कुमार, चन्द्रेश, परवा, बुढाभाइ आदि, पुर्णिया सँ गिरिन्द्रनाथ, चिन्मय ना. सिंह, अररिया सँ सुधीरनाथ मिश्र, कोलकाता सँ कवि-कथाकार-अभियानी उमाकान्त झा बक्शी आ अखिल भारतीय मिथिला पार्टीक महासचिव रत्नेश्वर झा, काठमांडु सँ आयोजनक प्रेरक-संरक्षक धीरेन्द्र प्रेमर्षि, लहान सँ अर्जुन प्रसाद गुप्ता 'दर्दीला', प्रिन्स कृष्णा सिंह, नारायण मधुशाला, राजविराज सँ कवियित्री साधना झा, विद्यानन्द बेदर्दी, निराजन झा, केशव कर्ण आ प्रा. अमरकान्त झा, जनकपुर सँ प्रेम नारायण झा, विराटनगर सँ वसुन्धरा झा आ अन्य कतेको गणमान्यक उपस्थिति रहल छल। तहिना विदेश सँ अनलाइन बिन्देश्वर ठाकुर, अब्दुल रज्जाक, अशरफ राइन, बेचन महतो, भोगेन्द्र राज साह 'विराज', मनोज साण्डिल्य आदिक उपस्थिति आ प्रस्तुति देल गेल छल। एहि कार्यक्रम केँ लाखों इन्टरनेट यूजर मैथिल घरे बैसल आनन्द लैत रहला आ फेसबुक द्वारा स्वस्फूर्त फोटो आ समाचार शेयर करबाक लाइन लागल रहल।
            कार्यक्रमक समीक्षात्मक प्रस्तुति मे प्रमुख अतिथि सियाराम झा सरस तथा रमेश रंजन द्वय कहलनि जे कवि सम्मेलन मे प्रस्तोताक संख्या छाइनकय समावेश कैल जेबाक चाही, आ समस्त नव-पीढीक कवि-स्रष्टा लोकनि हेतु प्रशिक्षण-कार्यक्रमक संचालन सेहो हेबाक चाही। लेकिन उत्साहित युवाक हर डेग केँ हम बुजुर्ग पीढी प्रोत्साहित करैत कमी-कमजोरी केँ दूर करबाक लेल मार्गदर्शक केर भूमिका निर्वाह करी। कार्यक्रम मे नेपाली भाषाक प्राज्ञ दधिराज सुवेदी मैथिली भाषा एकमात्र संयुक्त आधार नेपाल आ भारत बीच रहबाक बात कहलनि। तहिना करुणा झा, स्वागताध्यक्ष अपन छोट स्वागत मन्तव्य मे दहेज मुक्त मिथिला नित्य छोट-छोट डेग उठबैत आबि रहबाक भावना रखैत आगन्तुक अतिथि लोकनिक भव्यापूर्ण स्वागत केलनि। कार्यक्रमक संचालन किसलय कृष्ण ओ कार्यक्रम संयोजक प्रवीण नारायण चौधरी संयुक्त रूपे केलनि। बेसी सँ बेसी वक्ता-कवि आदिक सहभागिता करबितो कतेको नामी-गिरामी आ आवश्यक प्रस्तुति छूटि जेबाक त्रुटि सेहो भेल, जेकरा भविष्य मे क्रमश: सुधारोन्मुख बनेबाक बात आयोजक दहेज मुक्त मिथिलाक समस्त सदस्य स्वीकार केलनि
विराटनगर, 
प्रवीण नारायण चौधरी

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शुक्रवार, 10 अप्रैल 2015

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली कवि सम्मेलन-२०१५: सहभागिताक ताजा अपडेट - विराट नगर

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली कवि सम्मेलन-२०१५:  सहभागिताक ताजा 

अपडेट - विराट नगर


भारत सँ मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध गीतकार सियाराम झा सरस राँची सँ, जमशेदपुर सँ श्यामल सुमन आबि रहला अछि। संग मे १ गोट कवि आरो अयबाक जानकारी करौलनि अछि।
दरभंगा सँ परम आदरणीय कवि व अभियानी शिरोमणि डा. बुचरु पासवान, डा. मंजर सुलेमान, प्रो. उदय शंकर मिश्र, रामकुमार झा, चन्द्रेश, चन्द्रमोहन झा परबा, चन्द्रशेखर झा बुढाभाइ सेहो आबि रहला अछि।
एहि सँ पहिनहि महान हास्य कविसम्राट जयप्रकाश जनक आ महाभियानी कवि मणिकान्त झा संग अशोक मेहता आदि सेहो आबि रहला अछि।
सहरसा सँ अरविन्द मिश्र निरज, स्वाति शाकम्भरी, रामचैतन्य धीरज, भोगेन्द्र शर्मा निर्मल, सुभाषचन्द्र झा, किसलय कृष्ण, शैलेन्द्र शैली पहिनहि पुष्टि कैल सूची मे छथि।
पटना विश्वविद्यालय, मैथिली विभागक शोधार्थी - नरेश कुमार, विनीत कुमार लाल, रमण कान्त चौधरी, सरोज मंडल, पुरुषोत्तम चौधरी, रश्मि कुमारी, संजीब कुमार, संजय कुमार पासवान, श्याम रूप चौधरी आबि रहला अछि।
भागलपुर विश्वविद्यालय, मैथिली विभागक शोधार्थी - पंकज कुमार आ निक्की प्रियदर्शिनी आबि रहला अछि।
मिथिला विश्वविद्यालय, मैथिली विभागक शोधार्थी - सुरेश पासवानक नेतृत्व मे आबि रहला अछि, पूर्ण सूची प्रतिक्षीत...!
सुपौल सँ कवि अरविन्द ठाकुर आबि रहला अछि।
पटना सँ कमल मोहन चुन्नूक संग पंकज जी आबि रहला अछि।
मधुबनी सँ दीप नारायण विद्यार्थी आबि रहला अछि।
राजविराज सँ करुणा झा, मीना ठाकुर, साधना झा, श्याम सुन्दर यादव पथिक, देवेन्द्र मिश्र, शुभचन्द्र झा, विद्यानन्द बेदर्दी, निराजन झा, सत्येन्द्र नाथ चौधरी अयबाक पुष्टि केलनि अछि।
लहान सँ अर्जुन प्रसाद गुप्ता दर्दीला, नारायण मधुशाला, जीबछ यादव उदासी, प्रिन्स मेहता आबि रहला अछि।
जनकपुर सँ विजय दत्त मणि, काशीकान्त झा, प्रेम विदेह ललन, दिगम्बर झा दिनमणि सहित अपुष्ट आरो कवि लोकनि आबि रहला अछि।
रौतहट सँ श्याम शेखर झा आबि रहला अछि।
काठमांडु सँ धीरेन्द्र प्रेमर्षि स्वयं आयोजक ११ तारीख समय सँ पहुँचबाक पुष्टि कएलनि अछि। मुख्य अतिथि प्राज्ञ परिषद् सदस्य, नेपाल संगीत तथा नाट्य प्रज्ञा प्रतिष्ठान - श्री रमेश रंजन - मिथिलाक चेतन भगत छथिये।
दुबइ सँ प्रभात राय भट्ट नेपाल आबि कार्यक्रम मे सहभागी बनता। अनलाइन कतार सँ विन्देश्वर ठाकुर आ अशरफ राइन, दुबइ सँ भोगेन्द्र राज साह आदि केर प्रस्तुति संभव होयत। तहिना आरो किछु भारत तथा नेपाल सहित अन्य देश सँ अनलाइन प्रस्तुति हेबाक संभावना अछि। कार्यक्रम लाइव स्ट्रीमिंग मार्फत सब देश मे अनलाइन देखल जा सकत।
विराटनगर सँ दयानन्द दिग्पाल यदुवंशी, अजित झा, कर्ण संजय, राम नारायण सुधाकर, आदि रहबे करता।
झापा सँ कन्दर्प नारायण लाल सेहो औता। मुदा हिनकर फोन कतेको बेर लगेलाक बादो लागि नहि रहल अछि। मैसेज द्वारा जानकारी देल गेल छनि।
कविक अतिरिक्त अभियानी लोकनिक सहभागिता:
पुर्णियाँ सँ गिरिन्द्रनाथजी आ चिन्मयजी औता। आरो अपुष्ट सहभागिताक अपेक्षा अछि।सहरसा सँ कन्हैयाजी, कुमार आशीष, सुभाषचन्द्र झा, महिषी (सहरसा) सँ अमित आनन्द, आदरणीय अभिमन्यु खाँ, कुन्दन मिश्र, विजय महापात्रा, सुमन समाज, दिलीप कुमार चौधरी, दरभंगा सँ श्याम सुन्दर झा, वैद्य ओ. पी. महतो, मुजफ्फरपुर सँ ९९% संभावनाक संग संजय मिश्रा जी....
कानपुर सँ मिथिलाँचल महासभाक प्रतिनिधि आदरणीय रवि नाथ बाबु, अनिल भाइ व अमित भाइ आबि रहला अछि।
दिल्ली सँ कवि विमलजी मिश्र, अखिलेशजी, अमर नाथ बाबु, संजीव सिन्हा जी आ कौशल कुमार जी - तहिना सहरसा-दिल्ली संयुक्त केर प्रतिनिधित्व करैत आदरणीय विमल कान्त बाबु सेहो दिल्ली सँ आबि रहला अछि।
मधुबनी सँ पवन नारायण, शुभ नारायण झा, संगीत टोलीक संग आबि रहला अछि।
साईंचरण फिल्म्स केर प्रतिनिधि आ अभियानी भाइ रमानाथ झा मैथिली फिल्म्स केर विषय पर प्रस्तुतिक संग आबि रहला अछि।
एकर अतिरिक्त अहाँ सब कियो आबिये रहल छी, मुदा पुष्टि अवश्य करू जे व्यवस्था मे कोनो त्रुटि नहि हो। 

विशेष - संपर्क नंबर -
प्रवीण नारायण चौधरी - ९८५२०२२९८१, 
डा. सुरेन्द्र नारायण मिश्र - ९८४२०७७५५५,


 डा. एस. एन. झा - ९८४२०२३७३८

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मंगलवार, 3 मार्च 2015

दहेज मुक्त मिथिलाक चारि वर्ष पूरा: ३ मार्च - २०१५

दहेज मुक्त मिथिलाक चारि वर्ष पूरा: ३ मार्च - २०१५

फेसबुक सँ शुरु कैल अभियान, धरातल पर उतरि बढेलक मिथिलाक शान, कहियो हिन्दुस्तानक फ्रंट पेज पर लिखेलक अपन नाम आ देलक एकटा नवज्योतिक किरणक आभान - आइ पूरा केलक यात्राक चारिम वर्ष आ लऽ रहल अछि पुन: नव संकल्प। 
चारिम वर्ष मे पूरा कैल गेल:
*स्मारिका केर प्रकाशन
*मैथिली महायात्रा केर प्रारंभ
*मुंबई मिथिला महोत्सव
सौराठ मे विमोचित 'दहेज मुक्त मिथिला' केर स्मारिका राजविराज, सहरसा, कोलकाता, कानपुर, दिल्ली, जमशेदपुर - सब ठाम अलग-अलग विमोचन आ आवश्यक अभियान-प्रचार-प्रसार आ आम अपील जे 'माँगरूपी दहेज नहिये ली - नहिये दी, बरु समान रूप सँ शिक्षा दियबैत बेटा आ बेटी सबकेँ आत्मनिर्भर बनाबी। मैथिल लेल एकमात्र आसरा विद्याधनं-सर्वधनंप्रधानम् केर सूत्र अपनाबी।' कहैत अभियान भारत व नेपालक चहुँदिशि अपन आवाज बुलंद कयलक।
    मैथिली महायात्राक शुभारंभ साईंधाम, दिल्ली सँ कैल गेल जेकर मूल उद्देश्य मिथिलाक बिखरल मोती (विभिन्न गणनीय व्यक्तित्व) केर परिचय समेटैत डायरेक्ट्रीक प्रकाशन करब अछि। अही मार्च केर आखिर तक प्रथम भाग डायरेक्ट्रीक प्रकाशन कैल जयबाक अछि। एखन धरि यात्रा दिल्ली, कोलकाता, राजविराज, सहरसा, कानपुर आ जमशेदपुर मे कैल गेल अछि। एकर अतिरिक्त जानकारी आरो-आरो ठाम सँ इमेल द्वारा प्राप्त भऽ रहल अछि। उपलब्ध तथ्यांक मुताबिक प्रथम भाग डायरेक्ट्री बहुत जल्दिये सबहक सोझाँ रहत।
  मुंबई - दहेज मुक्त मिथिला द्वारा भव्य 'मिथिला महोत्सव' - केर आयोजन कैल गेल। विभिन्न दहेज मुक्त विवाह कयनिहार केँ सम्मानित कैल गेल। दहेजक प्रकोप सँ जरि रहल समाजक विभिन्न रूप पर मिथिलाक अनेको प्रसिद्ध गायक एवं कलाकार द्वारा स्वैच्छिक प्रस्तुति देल गेल छल। संगहि विभिन्न गणमान्य नेतृत्वकर्ता आ विद्वान् तथा साहित्यकार लोकनि द्वारा एहि दिशा मे चिन्तन कैल गेल छल जे कोना हमरा लोकनि मिथिलाक बिगड़ैत स्वरूप केँ पुन: गरिमामय बना सकब।
      विदित हो जे 'दहेज मुक्त मिथिला' अपन प्रतिनिधित्व लगभग समस्त महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम मे करैत आबि रहल अछि आ स्वैच्छिक-स्वयंसेवा सँ मिथिलाक सेवा मे लागल एहि संस्थाक सदस्य सब धन्यवादक पात्र छथि।
      पाँचम वर्ष लेल 'शिकायत केन्द्र' केर स्थापनाक लक्ष्य लेल जा रहल अछि। जेकर लक्ष्य अछि: कोनो पीड़ित पक्ष बिना कोनो प्रकारक पूर्वाग्रह रखने - बिना कोनो सेल्फ-फेब्रिकेटेड स्टोरी (मनगढंत कहानी) बनेने विवाह पूर्व 'माँगल गेल दहेज'क आ कथा-वार्ता कोना शुरुआत केलहुँ, कोन स्तरक वरक इच्छा/माँग अहाँक छल, के मध्यस्थकर्ता छलाह, कथा-वार्ता मिलेबाक लेल कि सब शर्त राखल गेल, पैसा-कौड़ी या गर-गहना आ वर-वरियातीक स्वागतार्थ तथा बियाह-विदाई लेल खर्च करबाक लेल माँग कि सब कैल गेल, अहाँक स्वेच्छापूर्ण खर्च सँ बेसी कि सब जबरदस्ती लादबाक कूचेष्टा भेल, आदि समस्त व्योरा उपलब्ध कराउ, दहेज मुक्त मिथिला समुचित मध्यस्थकर्ताक भूमिका निर्वाह कय सकैत अछि।
      एहि संस्थाक सदस्यता लेल सब कियो स्वतंत्र छी। अपन-अपन इलाका मे एहि अभियान केर प्रचार-प्रसार एकमात्र कार्यक्रमक क्रियान्वयन अछि।
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सधन्यवाद,
प्रवीण नारायण चौधरी
अन्तर्राष्ट्रीय संयोजक
दहेज मुक्त मिथिला।

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सगर राति दीप जरय

मिथिलाक खानपान...

मिथिलाक खानपान-नीलिमा चौधरी आ राखी साह... मखानक खीर सामग्री- दूध-१ १/२ किलो, चिन्नी-१०० ग्राम, मखान कुटल- १०० ग्राम, इलाइची पाउडर- स्वाद अनुसार, काजू- १० टा, किशमिश-२०टा बनेबाक विधि- मखानक पाउडर (कनी दरदरा)क पहिने १/२ किलो ठंढ़ा दूधमे घोरि लिअ, शेष दूध केँ खौला लिअ। आब गर्म दूधमे ई घोड़ल मखानक मिश्रण मिला दियौक आर करौछसँ लगातार चलबैत रहियौक जाहिसँ मिश्रण पेनीमे बैसय नहि। .... (आगाँ पढू)

मिथिला अरिपन....

मिथिला चित्रकला- स्त्री आ पुरुषक दशपात अरिपन / स्वास्तिक अरिपन... स्त्रीगणक दशपात अरिपनकन्याक मुण्डन,कान छेदन आ' विवाहक अवसर पर कुलदेवताक घर आकि मण्डप पर बनाओल जाइत अछि।बनेबाक- विधि। एकर बनेबाक विधि सूक्ष्म अछि।ऊपरमे तीन पातक पुष्प, ,ओकरनीँचा पाँच-पातक कमल-पुष्प,ओकर नीचाँ सात-पात युक्त्त कमल, बीचमे अष्टदल कमल अछि। दश पात चारू दिशि अछि। नौ टा माँछक चित्र सेहो अछि... (आगाँ पढू)

पाँच पत्र...


पाँच पत्र-हरिमोहन झा... प्रियतमे अहाँक लिखल चारि पाँती चारि सएबेर पढ़लहुँ तथापि तृप्ति नहि भेल। आचार्यक परीक्षा समीप अछि किन्तु ग्रन्थमे कनेको चित्त नहि लगैत अछि। सदिखन अहींक मोहिनी मूर्ति आँखिमे नचैत रहैत अछि। राधा रानी मन होइत अछि जे अहाँक ग्राम वृन्दावन बनि जाइत, जाहिमे केवल अहाँ आ हम राधा-कृष्ण जकाँ अनन्त काल धरि विहार करैत रहितहुँ... (आगाँ पढू)

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मैथिल आर मिथिला
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