गुरुवार, 28 अगस्त 2008

मिथिला दर्शन- गजेन्द्र ठाकुर






ई आलेख हमर दशकसँ ऊपरक मिथिलाक यात्राक उपरान्तक सूत्र-वृत्तान्त अछि आ एहिमे एहि सभ स्थानक स्थानीय निवासी आ गाइड सभक अकथनीय योगदान छन्हि । कखनो कालतँ भाड़ाक गाड़ीक ड्राइवर लोकनि सेहो नीक गाइड सिद्ध भेलाह ।-गजेन्द्र ठाकुर

१.गौरी-शंकर स्थान- मधुबनी जिलाक जमथरि गाम आ हैंठी बाली गामक बीच ई स्थान गौरी आ शङ्करक सम्मिलित मूर्त्ति आ एहि पर मिथिलाक्षरमे लिखल पालवंशीय अभिलेखक कारणसँ विशेष रूपसँ उल्लेखनीय अछि। ई स्थल एकमात्र पुरातन स्थल अछि जे पूर्ण रूपसँ गामक उत्साही कार्यकर्त्ता लोकनिक सहयोगसँ पूर्ण रूपसँ विकसित अछि। शिवरात्रिमे एहि स्थलक चुहचुही देखबा योग्य रहैत अछि। बिदेश्वरस्थानसँ २-३ किलोमीटर उत्तर दिशामे ई स्थान अछि।
२.भीठ-भगवानपुर अभिलेख- राजा नान्यदेवक पुत्र मल्लदेवसँ संबंधित अभिलेख एतए अछि। मधुबनी जिलाक मधेपुर थानामे ई स्थल अछि।
३.हुलासपट्टी- मधुबनी जिलाक फुलपरास थानाक जागेश्वर स्थान लग हुलासपट्टी गाम अछि। कारी पाथरक विष्णु भगवानक मूर्त्ति एतए अछि।
४.पिपराही-लौकहा थानाक पिपराही गाममे विष्णुक मूर्त्तिक चारू हाथ भग्न भए गेल अछि।
५.मधुबन- पिपराहीसँ १० किलोमीटर उत्तर नेपालक मधुबन गाममे चतुर्भुज विष्णुक मूर्त्ति अछि।
६.अंधरा-ठाढ़ीक स्थानीय वाचस्पति संग्रहालय- गौड़ गामक यक्षिणीक भव्य मूर्त्ति एतए राखल अछि।
७.कमलादित्य स्थान- अंधरा ठाढ़ी गामक लगमे कमलादित्य स्थानक विष्णु मंदिर कर्णाट राजा नान्यदेवक मंत्री श्रीधर दास द्वारा स्थापित भेल।
८.झंझारपुर अनुमण्डलक रखबारी गाममे वृक्षक नीचाँ राखल विष्णु मूर्त्ति, गांधारशैली मे बनाओल गेल अछि।
९.पजेबागढ़ वनही टोल- एतए एकटा बुद्ध मूर्त्ति भेटल छल, मुदा ओकर आब कोनो पता नहि अछि। ई स्थल सेहो रखबारी गाम लग अछि।
१०.मुसहरनियां डीह- अंधरा ठाढ़ीसँ ३ किलोमीटर पश्चिम पस्टन गाम लग एकटा ऊंच डीह अछि।बुद्धकालीन एकजनियाँ कोठली, बौद्धकालीन मूर्त्ति, पाइ, बर्त्तनक टुकड़ी आ पजेबाक अवशेष एतए अछि।
११.भगीरथपुर- पण्डौल लग भगीरथपुर गाममे अभिलेख अछि जाहिसँ ओइनवार वंशक अंतिम दुनू शासक रामभद्रदेव आ लक्ष्मीनाथक प्रशासनक विषयमे सूचना भेटैत अछि।
१२.अकौर- मधुबनीसँ २० किलोमीटर पश्चिम आ उत्तरमे अकौर गाममे एकटा ऊँच डीह अछि, जतए बौद्धकालक मूर्त्ति अछि।
१३.बलिराजपुर किला- मधुबनी जिलाक बाबूबरही प्रखण्डसँ ५ किलोमीटर पूब बलिराजपुर गाम अछि। एकर दक्षिण दिशामे एकटा पुरान किलाक अवशेष अछि। किला चारि किलोमीटर नमगर आ एक किलोमीटर चाकर अछि। दस फीटक मोट देबालसँ ई घेरल अछि।
१४.असुरगढ़ किला- मिथिलाक दोसर किला मधुबनी जिलाक पूब आ उत्तर सीमा पर तिलयुगा धारक कातमे महादेव मठ लग ५० एकड़मे पसरल अछि।
१५.जयनगर किला- मिथिलाक तेसर किला अछि भारत नेपाल सीमा पर प्राचीन जयपुर आ वर्त्तमान जयनगर नगर लग। दरभंगा लग पंचोभ गामसँ प्राप्त ताम्र अभिलेख पर जयपुर केर वर्णन अछि।
१६.नन्दनगढ़- बेतियासँ १२ मील पश्चिम-उत्तरमे ई किला अछि। तीन पंक्त्तिमे १५ टा ऊँच डीह अछि।
१७.लौरिया-नन्दनगढ़- नन्दनगढ़सँ उत्तर स्थित अछि, एतए अशोक स्तंभ आ बौद्ध स्तूप अछि।
१८.देकुलीगढ़- शिवहर जिलासँ तीन किलोमीटर पूब हाइवे केर कातमे दू टा किलाक अवशेष अछि। चारू दिशि खधाइ अछि।
१९.कटरागढ़- मुजफ्फरपुरमे कटरा गाममे विशाल गढ़ अछि, देकुली गढ़ जेकाँ चारू कात खधाइ खुनल अछि।
२०.नौलागढ़-बेगुसरायसँ २५ किलोमीटर उत्तर ३५० एकड़मे पसरल ई गढ़ अछि।
२१.जयमंगलगढ़-बेगूसरायमे बरियारपुर थानामे काबर झीलक मध्य एकटा ऊँच डीह अछि। एतए नाओकोठी (मझौल) गाम लग ई गढ़ अछि।
२१ अ.मंगलगढ़- समस्तीपुर जिलामे दुधपुरा बजार लग देओढ गाम लग |
२२.अलौलीगढ़-खगड़ियासँ १५ किलोमीटर उत्तर अलौली गाम लग १०० एकड़मे पसरल ई गढ़ अछि।
२३.कीचकगढ़-पूर्णिया जिलामे डेंगरघाटसँ १० किलोमीटर उत्तर महानन्दा नदीक पूबमे ई गढ़ अछि।
२४.बेनूगढ़-टेढ़गाछ थानामे कवल धारक कातमे ई गढ़ अछि।
२५.वरिजनगढ़-बहादुरगंजसँ छह किलोमीटर दक्षिणमे लोनसवरी धारक कातमे ई गढ़ अछि।
२६.गौतम तीर्थ- कमतौल स्टेशनसँ ६ किलोमीटर पश्चिम ब्रह्मपुर गाम लग एकटा गौतम कुण्ड पुष्करिणी अछि।
२७.हलावर्त्त- जनकपुरसँ ३५ किलोमीटर दक्षिण पश्चिममे सीतामढ़ी नगरमे हलवेश्वर शिव मन्दिर आ जानकी मन्दिर अछि। एतएसँ डेढ़ किलोमीटर पर पुण्डरीक क्षेत्रमे सीताकुण्ड अछि। हलावर्त्तमे जनक द्वार हर चलएबा काल सीता भेटलि छलीह। राम नवमी (चैत्र शुक्ल नवमी) आ जानकी नवमी (वैशाख शुक्ल नवमी) पर एतए मेला लगैत अछि।
२८.फुलहर-मधुबनी जिलाक हरलाखी थानामे फुलहर गाममे जनकक पुष्पवाटिका छल जतए सीता फूल लोढ़ैत छलीह।
२९.जनकपुर-बृहद् विष्णुपुराणमे मिथिलामाहात्म्यमे जनकपुर क्षेत्रक वर्णन अछि। सत्रहम शताब्दीमे संत सूर किशोरकेँ अयोध्यामे सरयू धारमे राम आ जानकीक दू टा भव्य मूर्त्ति भेटलन्हि, जकरा ओ जानकी मन्दिर, जनकपुरमे स्थापित कए देलन्हि। वर्त्तमान मन्दिरक स्थापना टीकमगढ़क महारानी द्वारा १९११ ई. मे भेल। नगरक चारूकात यमुनी, गेरुखा आ दुग्धवती धार अछि। राम नवमी (चैत्र शुक्ल नवमी),जानकी नवमी (वैशाख शुक्ल नवमी) आ विवाह पंचमी (अगहन शुक्ल पंचमी) पर एतए मेला लगैत अछि।
३०.धनुषा- जनकपुरसँ १५ किलोमीटर उत्तर धनुषा स्थानमे पीपरक गाछक नीचाँ एकटा धनुषाकार खण्ड पड़ल अछि। रामक तोड़ल ई धनुष अछि। एहिसँ पूब वाणगंगा धार बहैत अछि जे लक्ष्मण द्वारा वाणसँ उद्घाटित भेल छल।
३१.सुग्गा-जनकपुर लग जलेश्वर शिवधामक समीप सुग्गा ग्राममे शुकदेवजीक आश्रम अछि। शुकदेवजी जनकसँ शिक्षा लेबाक हेतु मिथिला आएल छलाह- एहि ठाम हुनकर ठहरेबाक व्यवस्था भेल छल।
३२.सिंहेश्वर- मधेपुरासँ ५ किलोमीटरपर गौरीपुर गाम लग सिंहेश्वर शिवधाम अछि।
३३.कपिलेश्वर-कपिल मुनि द्वार स्थापित महादेव मधुबनीसँ ६ किलोमीटर पश्चिममे अछि।
३४.कुशेश्वर- समस्तीपुरसँ उत्तर-पूब, लहेरियासरायसँ 60 किलोमीटर दक्षिण-पूब आ सहरसासँ २५ किलोमीटर पश्चिम ई एकटा प्रसिद्ध शिवस्थान अछि। एतए चिड़ै-अभ्यारण्य सेहो अछि जतए उज्जर आ कारी गैबर, लालसर, दिघौछ, मैल, नकटा, गैरी, गगन, सिल्ली, अधानी, हरिअल, चाहा, करन, रतबा चिड़ै सभ अनायासहि नवम्बरसँ मार्च धरि देखबामे आएत ।
३५.सिमरदह-थलवारा स्टेशन लग शिवसिंह द्वारा बसाओल शिवसिंहपुर गाम लग ई शिवमन्दिर अछि।
३६.सोमनाथ- मधुबनी जिलाक सौराठ गाममे सभागाछी लग सोमदेव महादेव छथि।
३७.मदनेश्वर- मधुबनी जिलाक अंधरा ठाढ़ीसँ ४ किलोमीटर पूब मदनेश्वर शिव स्थान अछि।
३८.कुन्दग्राम:हाजीपुरसँ बत्तीस किलोमीटर उत्तर-पूर्वमे बसाध-वैशाली आ लगमे वासोकुण्ड लग गाम गढ़-टीलासँ २ कि.मी. उत्तर-पूर्व अछि कुन्दग्राम , जतए जैनक २४म तीर्थंकर महावीरक जन्म भेल छलन्हि। एतए बुद्धक छाउर, अभिषेक पुषकरणी (राजा अभिषेकसँ पूर्व एतए नहाइत रहथि), अशोक स्तम्भ आ संसद-भवन (राजा विशालक गढ़) अछि।
३९.चण्डेश्वर- झंझारपुरमे हरड़ी गाम लग चण्डेश्वर ठाकुर द्वारा स्थापित चण्डेश्वर शिवस्थान अछि।
४०.बिदेश्वर-मधुबनी जिलामे लोहनारोड स्टेशन लग स्थित शिवधामक स्थापना महाराज माधवसिंह कएलन्हि। ताहि युगक मिथिलाक्षरक अभिलेख सेहो एतए अछि।
४१.शिलानाथ- जयनगर लग कमला धारक कातमे शिलानाथ महादेव छथि।
४२.उग्रनाथ-मधुबनीसँ दक्षिण पण्डौल स्टेशन लग भवानीपुर गाममे उगना महादेवक शिवलिंग अछि। विद्यापतिकेँ प्यास लगलन्हि तँ उगनारूपी महादेव जटासँ गंगाजल निकालि जल पिएलखिन्ह। विद्यापतिक हठ कएला पर एहि स्थान पर उगना हुनका अपन असल शिवरूपक दर्शन देलखिन्ह।
४३.उच्चैठ छिन्नमस्तिका भगवती- कमतौल स्टेशनसँ १६ किलोमीटर पूर्वोत्तर उच्चैठमे कालिदास भगवतीक पूजा करैत छलाह। भगवतीक मौलिक मूर्त्ति मस्तक विहीन अछि।
४४.उग्रतारा- मण्डन मिश्रक जन्मभूमि महिषीमे मण्डनक गोसाउनि उग्रतारा छथि।
४५.भद्रकालिका- मधुबनी जिलाक कोइलख गाममे भद्रकालिका मंदिर अछि।
४६.चामुण्डा- मुजफ्फरपुर जिलामे कटरागढ़ लग लक्ष्मणा वा लखनदेइ धार लग दुर्गा द्वारा चण्ड-मुण्डक वध कएल गेल। ओहि स्थान पर ई मन्दिर अछि।
४७.परसा सूर्य मन्दिर- झंझारपुरमे सग्रामसँ पाँच किलोमीटर पूर्व परसा गाममे साढ़े चारि फीटक भव्य सूर्य मूर्त्ति भेटल अछि।
४८.बिसफी- मधुबनी जिलाक बेनीपट्टी थानामे कमतौल रेलवे स्टेशनसँ ६ किलोमीटर पूब आ कपिलेश्वर स्थानसँ ४ किलोमीटर पश्चिम बिसफी गाम अछि। विद्यापतिक जन्म-स्थान ई गाम अछि। एतए विद्यापतिक स्मारक सेहो अछि।
४९.मंदार पर्वत-बांका स्थित स्थलमे मिथिलाक्षरक गुप्तवंशीय ७म् शताब्दीक अभिलेख अछि। समुद्र मंथनक हेतु मंदारक प्रयोग भेल छल। निकटमे बौंसीमे जैनक बारहम तीर्थंकर वासुपूज्य नाथक दूटा मूर्त्ति अछि, पैघ मूर्ति लाल पाथरक अछि तँ दोसर काँसाक जकर सोझाँ दूटा पदचिन्ह अछि। जैनक बारहम तीर्थंकर वासुपूज्य नाथक जन्म चम्पानगरमे आ निर्वाण एतहि भेल छलन्हि।
५०.विक्रमशिला-भागलपुरमे स्थित प्राचीन विश्वविद्यालय। भागलपुर जिलाक अंतीचक गाममे राजा धर्मपालक बनाओल बुद्ध विश्वविद्यालय अछि। १०८ व्याख्याता लेल रहबाक स्थान आ बाहरसँ पढ़ए बला लेल सेहो स्थान एतए निर्मित अछि
५१. मिथिलाक बीस टा सिद्ध पीठ- १.गिरिजास्थान(फुलहर,मधुबनी),२.दुर्गास्थान(उचैठ, मधुबनी),३.रहेश्वरी(दोखर,मधुबनी),४.भुवनेश्वरीस्थान(भगवतीपुर,मधुबनी),५.भद्रकालिका(कोइलख, मधुबनी),६.चमुण्डा स्थान(पचाही,मधुबनी),७.सोनामाइ(जनकपुर,नेपाल),८.योगनिद्रा(जनकपुर,नेपाल)९.कालिका स्थान(जनकपुर स्थान),१०.राजेश्वरी देवी(जनकपुर,नेपाल),११.छिनमस्ता देवी(उजान,मधुबनी),१२.बनदुर्गा(खररख, मधुबनी),१३.सिधेश्वरी देवी(सरिसव, मधुबनी),१४.देवी-स्थान(अंधरा ठाढ़ी,मधुबनी),१५.कंकाली देवी(भारत नेपाल सीमा आ रामबाग प्लेस,दरभंगा)१६.उग्रतारा (महिषी,सहरसा),१७.कात्यानी देवी(बदलाघाट, सहरसा),१८.पुरन देवी(पूर्णियाँ),१९.काली स्थान(दरभंगा),२०.जैमंगलास्थान(मुंगेर)।
५२. जनकपुर परिक्रमाक १५ स्थल आ ओतुक्का मुख्य देवता १. हनुमाननगर- हनुमानजी २.कल्याणेश्वर- शिवलिंग ३.गिरिजा-स्थान- शक्ति ४.मटिहानी- विष्णु मन्दिर ५.जालेश्वर- शिवलिंग ६.मनाई- माण्डव ऋषि ७. श्रुव कुण्ड- ध्रुव मन्दिर ८.कंचन वन- कोनो मन्दिर नञि मात्र मनोरम दृश्य ९.पर्वत- पाँच टा पर्वत १०.धनुषा- शिवधनुषक टुकड़ी ११.सतोखड़ी- सप्तर्षिक सात टा कुण्ड १२.हरुषाहा- विमलागंगा १३. करुणा- कोनो मन्दिर नहि मात्र मनोरम दृश्य १४. बिसौल- विश्वामित्र मन्दिर १५.जनकपुर।“मिथिलायदयश्च मध्यंते रिपवो इति मिथिला नगरी” - मिथिला जतए शत्रुकेँ मथल जाइत अछि- पाणिनीक विवरण ।

५३. चैनपुर सहरसा- मिथिलाक एकमात्र नीलकंठ मन्दिर, संगमे आदिकालीन भव्य काली-मन्दिर सेहो एहि गाममे अछि। महाशिवरात्रि आ कालीपूजा बड़ धूमधामसँ चैनपुरमे होइत अछि।
५४.धरहरा, बनमनखी, पूर्णियाँमे नरसिंह अवतारक स्थान अछि, एकटा खोह जेकाँ पैघ पाया अछि जाहिमे जे किछु फेकबैक तँ बड़ी काल धरि गों-गोँ अबाज होइत रहत। ई स्थान आब नरसिंह भगवानक मूर्ति आ मन्दिरक कारणसँ बेश विकसित भए गेल अछि।


५५.नेऊरी: दरभंगाक बिरौल प्रखण्डसँ १३.किलोमीटर पश्चिममे एकटा गढ़ अछि जे लोरिकक मानल जाइत अछि।
५६.दरभंगा कैथोलिक चर्च: १८९१मे स्थापित ई चर्च १८९७ केर भूकम्पमे क्षतिग्रस्त भए गेल। एकरा होली रोजेरी चर्च सेहो कहल जाइत अछि।
५७.सेंट फांसिस ऑसिसी चर्च मुजफ्फरपुरमे अछि।
५८.भिखा सलामी मजार: गंगासागर पोखरि दरभंगाक महारपर ई मजार अछि।
५९.दरभंगा टावर मस्जिद इस्लाम मतावलम्बीक एकटा भव्य मस्जिद आ धार्मिक स्थल अछि।
६०. मकदूम बाबाक मजार:ललित नारायण मिथिला विश्ववविद्यालय आ कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय दरभंगाक बीच स्थित ई मजार हिन्दू आ मुस्लिम मतावलम्बीक एकटा पावन स्थान अछि।
६१.चम्पानगर:भागलपुरक पश्चिममे, आब नगरसँ सटि गेल अछि। ई जैन लोकनिक एकटा पवित्रस्थल अछि, एतए महावीर तीनटा बस्सावास कएने रहथि। दू टा जैन मन्दिर एतए अछि, जे जैनक बारहम तीर्थंकर वासुपूज्य नाथकेँ समर्पित अछि।
६२.बसैटी अभिलेख- पूणियाँमे श्रीनगर लग मिथिलाक्षरक ई अभिलेख मिथिलाक पहिल महिला शासक रानी इद्रावतीक राज्यकालक वर्णन करैत अछि। एकर आधार पर मदनेश्वर मिश्र ’एक छलीह महारानी’ उपन्यास सेहो लिखने छथि।
बाइसी-बसैटी, अररिया ताम्रपत्र अभिलेख- रानी इन्द्रावती (१७८४-१८०२) जे फूड-फॉर-वर्क आ अन्य कल्याणकारी कार्यक प्रारम्भ कएलन्हि केर मिथिलाक्षर अभिलेख एतए एकटा मन्दिरक ऊपरमे कारी पाथरमे कीलित अछि जे निम्न प्रकारसँ अछि:-
बसैटी (अररिया) बिहार, शिव मन्दिरक मिथिलाक्षर शिलालेखक देवनागरी रूपान्तरण।

वंशे सभा समाने सुरगन बिदिते भू सूरस्यावतिर्ना।
राजाभूतकृष्णदेवोनृपति समरसिंहा मिधस्यात्मजातः॥
यस्मिन् राज्याभिषेकं फलयितु मिवतद्भक्तितुष्टोमहेशः।
कैलाशाद् भूगतेद्योप्यधिन सतितरा वैद्यनाथेन नाम्नाः॥
तस्य तनुजः सुकृतिनृपवरौ विश्वनाथ राजा भूत।
विरनारायण राजस्तस्याप्यासीद् सुतस्य॥
नरनारायण राजो नरपति कुल मौलि भूषणम् पुनः।
अर्थिनकल्पद्रूमदूव सुरगन वंसावतंसोत्भूत॥२॥
तस्मादि वैरिकुल सूदन रामचन्द्र नारायणो नरपतिस्तनयो वभूक।
संमोदिता दश दिशो निज कीर्ति चन्द्र ज्योतिस्नेहाभिरार्थ निवहः सुरिवतश्चयेण॥३।।
यद्दानवारि परिवर्द्धित वारि राशि सक्तान्त कीर्ति विमलेन्दु मरिचिकाभिः।
प्रोद्योतिता दशदिशः सतनुज इन्द्रनारायणोस्य कुलभूषण राजराजः॥४॥
तेनच सत्कुल जाता तनया मनबोध शझणिः कृतिनः।
परिणीता बन्धु यत्नैस्त्रिलोचननाद्रि पुत्रीव॥५॥
यस्या प्रतापतरणावुदितेऽपिचिते
चिन्तारजविन्द वनमालभते विकासम
सौहृदय हृदय मकरन्द च उद्येन
तत्रैव यद् गुणगणा मधुपन्ति योगात्॥६॥
यज्ञेवर्देव गणो द्विजाति निवहः सस्तायनत्यादरैः।
दर्दानैपूर्णः मनोरथोऽर्थपरन सन्तितिनिः सज्जना॥७॥
गर्ज्जद वैरि मदान्धवारण चपश्चञ्चःपेतापांकुरौ।
र्वस्याः सर्वदृशेकृतागुण चमेर्मस्याश्च भूमीतने॥८॥
श्री श्री इन्दुमति सतीमतिमती देवी महाराज्ञिका
जाता मैथिल माण्डराऽमिछकुलात् मोधोसरी जानयाः।
दानै कल्पलता मधः कृतवती श्री विष्णु सेवा परा
पातिव्रत्य परायणाच सततं गंगेर सम्पारणी॥९॥
शाकेन्दु नवचन्द्र शैलधरणी संलक्षित फाल्गुने
मासि श्रेष्ठतरे सिताहनि शितेपक्षे द्वितीयायां तिथौ।
भूदेवैर्वर वैदिकेर्म्मठमयं निर्भारय सच्चिनिमिः
तत्रे सेन्दुमति सुरस्य विधित्र प्राण प्रतिष्ठाव्यधात्॥१०॥
सोदरपुर सम्भव राजानुकम्पापजिवनिकृतिनः।
श्री शुभनायस्य कृतिर्मिदं विज्ञेक्षं सन्रन्तताम्॥११॥




38 पाठकक टिप्पणी भेटल - अपने दिअ।:

Gajendra Thakur 28 अगस्त 2008 को 8:16 pm  

एहि सूचीकेँ मिथिला विभूति जेकाँ बढ़ाओल जाएत।
सुझाव सेहू आमंत्रित अछि।

Preeti 3 सितंबर 2008 को 12:07 am  

70-80 jagahak eke ber yatra kara delahu, bar hnik sangrah.

Amit 16 सितंबर 2008 को 1:40 pm  

Gajendra Ji,

Mithila Main Pahluk Nilkanth Mandir, Chainpur, Saharsa main aichh, Saath hi aye gaam main bhvya Aadi Kali Mandir Saho Aichh,

Maha Shiv Ratri & Kalipuja Samaroh Large Scale par ayojit hoit che.

Request you to Pls. Publish the same under " Mithila Darshan"

Thnaks,

Amit Kr. Jha
Chainpur, Saharsa

NAGENDRA KR. JHA 27 सितंबर 2008 को 12:20 pm  

amit ji thike likhne chhathi, amit ji se chainpur mandirak photo sabh lay aar vistrit jankari lay soochi me sammilit kayal jebak chahi, sang me aan chutal sthalak seho.

Jyoti 7 अक्तूबर 2008 को 10:23 pm  

bad nik aa vrihat collection, jena ahan kahne chhi ekar vistar aar nik lagat, hoyat

ajay 21 अक्तूबर 2008 को 12:04 pm  

bad nik nibandh, namak anuroop vistrit lekh.

Gajendra Thakur 2 दिसंबर 2008 को 10:30 pm  

धन्यवाद मुचकुन्द जी, अहाँ सेहो अपन रचना पठाउ, हमर मेल ggajendra@videha.com पर मेल करू।

sushant jha 25 दिसंबर 2008 को 5:11 am  

Baliraj pur ke bare mein je soochna achhi ohi mein kani sansodhan ke avashykta achhi..pahil baat ta ee je Balirajgarh..BaBubarhi san 5 KM poob acchi...aa dosar gapp ee je kila, kam sa kam 4 KM lamba aa 1 KM chaura acchi...

Gajendra Thakur 26 दिसंबर 2008 को 11:27 am  

धन्यवाद शुशान्त जी, आवश्यक सुधार कऽ देल गेल अछि।

RAJESH 15 फ़रवरी 2009 को 12:32 pm  

WAH, DHANYABAD JE PURA MITHILA KE DARSAN MITHILA S DOOR RAHLA PAR KARA DELAO ! AAP MAPHI CHAHAIT CHHI KI AHAN KE PAHILE PRANAM NAHI KELAO AUR KICHU LIKHAO ! TAHI BHAIJI PRANAM

GALTI KE CHHOT BHAI SAMAIJH MAPH KARAB ?
MITHILAK ETIHAS PAREH DHANY BH GELAO AUR JE NAHI JANAIT CHHALAO SE SAB JAIN GELAO !
OHI KE LEL EK BER PHER S DHANYABAD BHAIJI !!

Gajendra Thakur 14 मार्च 2009 को 6:33 pm  

धन्यवाद अमित जी। त्रुटि सुधार देल गेल अछि।

बेनामी,  18 अगस्त 2009 को 5:53 am  

HAMAR NAAM UMA SHANKAR GUPTA ACHHI.
HUM MAITHILI AAUR MITHILA WASI SA BAHUTK PREM KARAIT CHHI.
HUM COMPUTER PAR M GOOGLE ME MITHILA DARSHAN NAAMAK COMMUNITY SEHO BANENE CHHI .OYA MA BAHUT TARAHK MITHILA PAR M TOPIC LIKHANE CHHI HUMAR GOOGLE ID uma_shankargupta@rediffmail.com 2nd id umashankargupta1@gmail.com achhi,
aha sab sa vinti achhi ki hamar e communty k join karu aaur mithila darshan ke aagu badhebak koshish karu hum sabhak aabhari
rahab
hamar naam uma shankar gupta achhi
hamar ghar sonrey (tamuria railway station sa uttar aaur purab disha me achhi)
post tamuria
subdivison jhanjharpur
thana lakhanaur
madhubani (bihar)

uma 18 अगस्त 2009 को 6:04 am  

HAMAR NAAM UMA SHANKAR GUPTA ACHHI.
HUM MAITHILI AAUR MITHILA WASI SA BAHUTK PREM KARAIT CHHI.
HUM COMPUTER PAR M GOOGLE ME MITHILA DARSHAN NAAMAK COMMUNITY SEHO BANENE CHHI .OYA MA BAHUT TARAHK MITHILA PAR M TOPIC LIKHANE CHHI HUMAR GOOGLE ID uma_shankargupta@rediffmail.com 2nd id umashankargupta1@gmail.com achhi,
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thana lakhanaur
madhubani (bihar)
mob 9304279497 bihar
mob 080 32422119 banglore

मिथिला राज्य 24 दिसंबर 2009 को 1:20 pm  

मिथिला राज्य

मिथिला राज्य नामक साईट पर अपनेक स्वागत अईछ. अई साईटक मुख्य उद्देश्य मिथिला राज्य बनै ताई हर प्रकारक आन्दोलन के सहायता करबाक कोशिस रहत . अई साईट पर अपने आबू और अपन अमूल्य समय द क हमरा अनुग्रहित करू . आब उ समय आइब गेल जाहि समय मे मिथिला राज्यक मांग मे तीब्र स तीब्र आन्दोलन हेबाक चाहि . मिथिला राज्य स जुरल सब बिधायक और संसद स पूरा मिथिला वासी के ओर स नम्र निबेदन जे अपने सब अई आन्दोलन के सफल बनाबू , कियाक की अपने बिना मिथिला राज्य बनेबाक सपना बड मुश्किल अईछ. हम की पूरा मिथिला बासी श्री मान तारा कान्त झा के आभारी छिएन जे मिथिला राज्य बनेबाक दिसा मे महत्वपूर्ण आन्दोलन क रहल छैथ. श्री मान बैद्यनाथ चौधरी (बैजू) जी सहोरा निवासी हुनको मिथिला के लोग कहियो नई बिसैर सकई छैन. जे अपना अमूल्य योगदान द क मैथिली के एगो महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त करौलेन. जे एखन तात्कालिक बिद्यापति सेवा संसथान के महासचिब सेहो छैथ. आन्हा सब लोकिनक के एक बेर फेर स धन्यवाद.
अगर पूर्ण रूपेण संग नई भेटल त हमरा सब हक संसद आ बिधायक स . केंद्र ओर राज्य सरकार त आइन्ख मुइन लेने छैथ. मिथला के तरफ स .
मिथिला एहन बिकसित परम्परा रहितो हमेसा स उपेक्षा के शिकार भेल हन. तिरहुता लिपि के पूर्ण रूपेण मेटेबाक प्रयास भ रहल ऐछ. राजनितिक दल भासा पर सेहो राजनीती क क हमरा सब फुट डालइ के कोसिस क रहल अईछ. आइ सब मैथिल के एक भ क अई सरकारक ओकात बतiबई के समय आइब गेल अईछ.
भीख नहि अधिकार चाही हमरा मिथिला राज्य चाही
रौशन चौधरी (साईट प्रबन्धक)
http://mithilarajya.hpage.com/
roshanchoudhary@hotmail.com

Thakur 1 जनवरी 2010 को 8:31 pm  

jitu babu ..........charan sparsh karay achhi. koti-koti dhayabad je ahan sanak log mithila ke ratn chhi. hamar ghar ahan ke stle gaam kahara achhi.

श्री जितमोहन झा (जितू) 5 फ़रवरी 2010 को 6:05 pm  

ठाकुरजी चरण स्पर्शक नाम लेकs हमरा शर्मिंदा जून करू.. अपने सभक आशीर्वाद मिलैत रहे इए हमर आकांक्षा अछि!

बुद्धिनाथमिश्र 24 फ़रवरी 2010 को 7:09 am  

priya gajendra ji,ekta bhool sudhar jaroori bujhana gel achhi.mangalgarh aa jaimangalgarh doo taa sthan chhaik.mangalgarh samastipur jila me dudhpura bazar ka paas chhai.jaimangalgarh begusarai me chhai,jekar vivaran ahaa dene chhi.mangalgarh hamar gaon deodha ka nikat chhai ,jabki jaimangalgarh hamar sasurari naokothi9manjhaul) ka paas chhai.asha achhi,pathk gan tadanusar sudhari letah|buddhinath mishra/dehradun/09412992244

Gajendra Thakur 24 फ़रवरी 2010 को 10:51 am  

Dhanyavad shreeman, aavashyak sudhar kay del gel achhi aa kichhu aar vivran add kayal gel achhi,
sadar
gajendra

chandragovind 3 मार्च 2010 को 5:04 pm  

ahake pryas sarahneya ache aur mithila ke sanskriti aur sansakar ke bachevak lel aiye se neek pryas aur dosar nai hoith sakaithe ache.hamar sabhak sahyog sada rahat mithila ke uthan khatir.
namaskaar
chandragovinds@gmail.com

डॉ. अजीत मिश्र,  3 अप्रैल 2010 को 5:09 pm  

एकटा सूचना दए दी जे सम्पूर्ण बिहारमे प्राय: सभसँ पहिनेँ (1850ई.) माटिक मूर्ति बना मा दुर्गाजीक पूजा होइत आबि रहल अछि सरिसब-पाही पंचायतक अन्तर्गत नबटोल गाममे, जतए अद्यावधि पूजा पूर्वक भाँति (अपन अलग पूजा पद्धतिक माध्यमे)होइत आबि रहल अछि। प्राय: अपने केँ ओ स्थान छूटि गेल। निश्चये एहि एतिहासिक स्थलकेँ जोड़ल जाए। ओना मिथिलामे एकसँ एक स्थान अछि- मिथिलाकेँ तँ तपोवने कहल जाइत छलैक। मुदा एकठाम सभ सूचना संग्रहित करबाक लेल कोटिश: धन्यवाद।

Gajendra Thakur 4 मई 2010 को 3:56 pm  

BAHUT BESI GARV HOYAT ACHI JE APAN CULTURE KE JIBAIT RAKHE MAI AHI TARHAK PRAYASH KAYAL GEL ACHI, HAM ABHARI CHI SAMAST MAITHI AA MITHILA PARVAR KE HAM TA PRAYAH VMYMINDIABLOGSPOT.COM PAR SADIKHAN RAHAIT CHI, LEKIN AHI TARHAK SITE KE KHOJ HARDAM RAHIYA JE APAN MITHILA KE KON NAYA SITE SAN JURU BISHESH KI LIKHU, HAM JARUR AHI SITE KE SAMPARK ME RAHAB, JAHINA VMYMINDIABLOGSPOT.COM PAR RAHIT CHI,
DHANYABAD
JHA RAJNISH

MITHILA RAJAYA KA MANG 8 मई 2010 को 3:15 pm  

आदरणीय मिथिला बंधू ,

बिषय : जाती आधारित जनगणना के हम सब बिरोध कर रहे हैं , भासा आधारित जनगणना का हम समर्थन करते हैं

आय कैल में लोकसभा आर राज्यसभा में गूंज रहल अछि जाती आधारित जनगणना , लेकिन जाती आधारित जनगणना के हम आर हमर अखिल भारतीय विकाश सेना जोरदार तरीका से विरोध करी रहल छीक, अखंका समय में भारत के शरकार जाती आधारित जनगणना करा के की समझाबे चाहेत अच्छी से हमारा नहीं पता चली रहल अच्छी, वर्ष 1931 में अंग्रेजी शासक इ जाती आधारित जनगणना करेने छल. व्ह्ही के जाती आधारित जनगणना के नक़ल इ कांग्रेस गवर्नमेंट करा रहल छित . आब हम हिंदी में लिथ रहल छीक से मिथिला प्रेमी बुरा नहीं मनाब कीयाक ते कतेक लोक हिंदी में पढ़े बाला सेहो छिथ , हमारे देश में कांग्रेस रूप में जो गवर्नमेंट अवि के समय में अंग्रेजी शासक ka नक़ल kar raha hi iska kiya matalab huaa aaplog jante hi kiya ? Congressi गवर्नमेंट ka हम log pur jor से विरोध karata hu , Hum regional language के aadhar par yadi जनगणना hota to हम log uska samarthan karte aur karenge, kiyoki regional languaage के aadhar pa yadi जनगणना hota hi to ek chota sa rajaya bannene के liye 3 ,0000000 [ 3 karor ] population चाहिए. इसीलिए भारत के बर्तमान सर्कार ने बड़ी चलिके से रेगिओनल हिसाब से जनगणना न कर्बके जाती आधारित जनगणना करबा रहा ही. अतः हम लोग पुरे मिथिलांचल वाशी से अनुरोध करता हु जो हमारा मेल पढ़ रहे है , वह ये मेल पढ़ ले और पुरे देश में जिन्जिंको आपना दोस्त ही केबल मिथिलांचल वाशी को ये मेल फॉरवर्ड कर दे जो , जाती आधिरित जनगणना का विरोध करने के लिए. आप को मालूम की , इस समय हमलोगों ने भारत सर्कार से आपना मिथिलांचल राज्य के मांग के लिए दबाब दल रहा हूँ और अलग से तेलन्गाना राज्य का मांग हो रहा है, इसी से भारत सर्कार घबरा कर के जाती आधारित जनगणना करबा रहा ही , इसीमे जो जाट पट है उसको देखने से किया मतलब बनता है. अतः क्षेत्रीय आधारित जनगणना में हमलोगों का राज्य अलग जरुर बन जा सकता ही कियोकी हमलोगों का जन्श्न्खिया लगवाग ६००००००० [ छः करोर ] है. इसीलिए हम पूरा मिथिलांचल वाशी से अन्नुरोधा करता हुं की जब जनगणना करने वाले हमलोगों के द्वार पर जावे तो अपने घर में जर कह दीजिये गा की हमारी मत्री भाषा मैथिलि ही, लिखवाने के लिए, अखिल भारतीय मिथिला विकाश सेना से भारत बर्ष के सरकार और बिहार सरकार दर से गए है की मिथिलांचल में उनलोगों का बर्चास्वा कही कम न हो जाये , हुं लोगो का अलग से जिन २८ जिला [ अट्ठाईस जिला ] का मांग कर रहे है , वोह जिला हमें भारत सरकार और बिहार सरकार वापस दे दे , जिससे हमारे मिथिला वाशी को कल्याण होगा और हमलोग बिहारी न कहालाके आदरनिये मिथिलांचल वाशी कह लायेंगे , जैसे झारखंडी लोग अभी झारखण्ड वाशी कहलाते है. इसी बार हुं लोगो ने निर्णय किया हु की हमलोगों का सेना आने वाले बिधान सभा के इलेक्शन में मिथिलांचल का वेश लेकर इलेक्शन लारेंगे , और लालू जी की सरकार, नितीश जी की सरकार, या कांग्रेस की सरकार, या रामबिलास जी की सरकार को हम लोग चुनोती देंगे की किया मिथिलांचल के वाशी चाहते है, आपलोग सायेद जानते है की नहीं झंझारपुर में कमला नदी के ऊपर में जो रेल ब्रिज हिई अंग्रेज के सषक ने जो बनबा के गया वोही आज तक चलता आ रहा ही , उसको देखे वाला कोई नहीं, न भाजपा की सरकार, न जनता दल की सरकार , न लालू जी की सरकार आर न कांग्रेस के सरकार सब पार्टयों से संसद चुन कर गया हुआ है और उस रशाते में सबका घर परता व् है लेकिन लेकिन लगा हुआ है......... कियोकी किसी सरकार में दम ही नहीं जो मिथिलांचल का विकाश चाहे, हमलोग ने निर्णय किया की इसी बार के विधानसभा के इलेक्शन में सब पार्टियों को इट से इट बजा देंगे. आब हमे आप लोगो का साथ चाहिए. आपको एक कहाबत मालूम है की मिथिला के लिए जब आन्दोलन नहीं करेंगे तो हमें मिथिला नहीं मिलेगा. " पायाब निज अधिकार कतहु की बिना झगरने, अछि सलाई में काठी, बारात की बिना रगारने" ये दोस्तों फ़ॉर्मूला ले कर के चले. और मिथिलांचल बनाने में सहयोग करने का कास्ट करे , जय मिथिला , जय मैथिली

जाती आधारित जनगणना का अखिल भारतीय मिथिला विकाश सेना विरोध करता है, क्षेत्रीय भाषा आधारित जनगणना का हम समर्थन करते है , इसीसे हमर मिथिलांचल का जन्शंखिया का पता चलेगा,

धन्यवाद,

आपलोगों का बंधू


कुमोद नारायण चौधरी
राष्ट्रीय सभापति
अखिल भारतीय मिथिला विकाश सेना
गुड्स ट्रांसपोर्ट रोड वोर्केर्स उनिओन
भुत पूरब प्रत्याशी कोलकाता उत्तर लोकसभा केंद्र
मोबाइल : 09748532929
Email : kumodchoudhary@gmail.com

ricky 23 जून 2010 को 8:31 pm  

bahut nik laagal ek lekh hamra.ae sa poora mithlia ke baare ma jaankari aaich..bahut nik dhanyabad

बेनामी,  2 दिसंबर 2010 को 7:23 pm  

bahut sundar blog achai ,man mantrmughah bha gayal

Foundation for Social Research and Dynamic Action 15 फ़रवरी 2011 को 3:24 pm  

GAJENDRA JEE NAMASTE BABUBARHI BALIRAJGARH S RELATED VISNU BARUWAR K CARCHA NAHI DEKHI CHUBDH CHI ONA VISNU BARUWARK EK BADHUWA HAMAR GAUN MARUKIA ACHI HAMRA GAUN ME SEHO VISNU BHAGWANK 5 FITK MURTI TALAB ME MATI KORWA KAL VETLAIYA ONA HAMRA GAUN ME PRACHIN SAMAY KE EK TA DIH ACHI JAHI THAM S KAFI KICHIU MILWAK SAMBHABNA CHAIK THANKS LOT AHAK PRAYASH KE

Foundation for Social Research and Dynamic Action 15 फ़रवरी 2011 को 3:59 pm  

Gajendranjee namaste mithila darshan me baliraj gardh s related vishnu baruwar je apna ap me ati prachin place chaik nam nahi dekhi ayascharya lagal ona baruwar aur marukia ae badhuwa chaik Marukia me 5 fitk vishnu bhagwank murty talab me mati katwa kal me vetaila thanks

alok choudhary 6 मई 2011 को 11:55 am  

badd nik sir, aha hamra mithila sa sambandhit o jankari dalau jai sa ham anbigya chalau,dhanyabad aaha k

uma 30 अक्तूबर 2011 को 9:05 pm  

मिथिला दर्शन
हकासल छी पियासल छी
मिथिला दर्शन के आशल छी!
मदारी छी भिखारी छी
मिथिला दर्शन लेल पागल छी!!

देखब पावन सीता केर धाम
तहन जायब विद्यापति गाम
चरण रखबा स पहिनहि हम
माथ माटी में साटब
जतय आयल छला शंकर
बनय विद्यापति के चाकर

किछु दूर और जायब हम
जायब उच्चैठ देवी हम
जतय कालीदास के देवी
वरदान दय विलीन भेली
पूजब हुनकर ओही प्रतिमा के
करब सुमिरन ओही महिमा के

देखब वाचस्पति नगरी के
करब गुणगान पगरी के
जतय के रीति अछि सबदीन
"साग खाई बरु जीबन काटब
नई झुक देब पगरी के
अतिथि देवो भव हम सबदीन
जपिते रहब अई कथनी के"

हकार कोजगरा के पूरब
पान मखान लए क घुरब
सामा चकेबा चौठी चंदा
ब्रत करब हम छैठ के
सप्ता बिप्ताक कथा सुनि क
ध्यान करब गुरुदेब के

जायब राघोपुर एक बेर हम
करब दर्शन ओहि धरती के
जतय विद्याधर जनम लेला
जिनक कामेश्वर सिंह छला चेला

देखब मिथिला केर पेंटिंग
जकर गुणगान चाहू दिश
जखन घुरी आबय लगाब हम
एक टुक माटिक लायब संग
नित उठी माथ स साटब
करब सुमिरण ओहि मिथिला के
विसरब ने मिथिला दर्शन के

blogking 5 नवंबर 2011 को 9:04 am  

Maithili darshan kelo vahut nik lagal
site seho vahut sundar lage chhai banenhar ka dhanyabad
agar ahan sabka maithili geet labak huya ta visit karu - http://www.maithilisongsjagat.co.in/
Maithili ka world me pahucha diyo
PRAKASH THAKUR (MAITHILI SONGS JAGAT)

sanjeet mishra 11 जनवरी 2012 को 5:43 pm  

madhubani jila ke kharrakh gaam me ankurit durga sthan achhi.
sanjeet mishra kharrakh, madhubani.

sanjeet mishra 11 जनवरी 2012 को 5:47 pm  

madhubani jila ke kharrakh gaam me ankurit durgasthan achhi.
sanjeet mishra.
kharrakh, madhubani.

DEEPAK CHOUDHARY 19 मई 2012 को 5:37 pm  

bahut nik lagal ehen sunder collection,apne s nivedan achhi je MITHILA k 20 DARSHANIY asthal varnan karab t atisunder........DHANYVAD.

Rajesh verma 19 जुलाई 2014 को 12:21 pm  

Bahut nik prayas k rahal chhi maithili aar mithila lel.

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सगर राति दीप जरय

मिथिलाक खानपान...

मिथिलाक खानपान-नीलिमा चौधरी आ राखी साह... मखानक खीर सामग्री- दूध-१ १/२ किलो, चिन्नी-१०० ग्राम, मखान कुटल- १०० ग्राम, इलाइची पाउडर- स्वाद अनुसार, काजू- १० टा, किशमिश-२०टा बनेबाक विधि- मखानक पाउडर (कनी दरदरा)क पहिने १/२ किलो ठंढ़ा दूधमे घोरि लिअ, शेष दूध केँ खौला लिअ। आब गर्म दूधमे ई घोड़ल मखानक मिश्रण मिला दियौक आर करौछसँ लगातार चलबैत रहियौक जाहिसँ मिश्रण पेनीमे बैसय नहि। .... (आगाँ पढू)

मिथिला अरिपन....

मिथिला चित्रकला- स्त्री आ पुरुषक दशपात अरिपन / स्वास्तिक अरिपन... स्त्रीगणक दशपात अरिपनकन्याक मुण्डन,कान छेदन आ' विवाहक अवसर पर कुलदेवताक घर आकि मण्डप पर बनाओल जाइत अछि।बनेबाक- विधि। एकर बनेबाक विधि सूक्ष्म अछि।ऊपरमे तीन पातक पुष्प, ,ओकरनीँचा पाँच-पातक कमल-पुष्प,ओकर नीचाँ सात-पात युक्त्त कमल, बीचमे अष्टदल कमल अछि। दश पात चारू दिशि अछि। नौ टा माँछक चित्र सेहो अछि... (आगाँ पढू)

पाँच पत्र...


पाँच पत्र-हरिमोहन झा... प्रियतमे अहाँक लिखल चारि पाँती चारि सएबेर पढ़लहुँ तथापि तृप्ति नहि भेल। आचार्यक परीक्षा समीप अछि किन्तु ग्रन्थमे कनेको चित्त नहि लगैत अछि। सदिखन अहींक मोहिनी मूर्ति आँखिमे नचैत रहैत अछि। राधा रानी मन होइत अछि जे अहाँक ग्राम वृन्दावन बनि जाइत, जाहिमे केवल अहाँ आ हम राधा-कृष्ण जकाँ अनन्त काल धरि विहार करैत रहितहुँ... (आगाँ पढू)

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