शनिवार, 18 सितम्बर 2010

प्रगतिक रहस्य चित्रकथा ( नीचाँक चित्र सभकेँ बेरा-बेरी क्लिक करू आ पढ़ू-देखू।)









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शुक्रवार, 17 सितम्बर 2010

मेरे अंगने मे तुम्हारा क्या काम है…

मोदीक इच्छा नीतीशक राह कठिन करब स बेसी सुषमाक राह कठिन करब अछि

बिहार मे नरेंद्र मोदी गठबंधन लेल नासूर बनि गेलथि अछि। भाजपा मे इ सवाल उठि रहल अछि जे नरेंद्र मोदी अपन हित लेल बिहार मे पार्टी आ गठबंधन कए दांव पर किया लगा रहल छथि। संघ क भीतर सेहो इ विचार उभरि रहल अछि जे आखिर नरेंद्र मोदी लेल बिहार एतबा महत्वपूर्ण किया भ गेल, जखन कि ओ एकटा राज्यक मुखिया छथि आ हुनकर समकक्ष रमन सिंह आ शिवराज सिंह चौहान लेल इ कोनो सवाल नहि अछि।
सवाल इ सेहो अछि जे पिछला लोकसभा चुनाव मे नीतीशक अगुवाई मे प्रचार भेल जखन कि मामला दिल्ली मे सरकार बनेबाक छल। ओहि चुनाव मे नरेंद्र मोदी क कोनो सभा नहि हेबाक पाछू कहल जाइत अछि जे नीतीश क दबाव छल, तखन एहि बेर इ सवाल किया बनि रहल अछि, जखन कि एहि बेर नीतीशक काजक उपर वोट लेबाक अछि। एहन मे मोदी केतबा कारगर हेताह इ ककरो स नुकायल नहि अछि।
जानकार मानैत छथि जे लोकसभा चुनाव मे आडवाणी कए कहुना पीएम बनबाक छल आ ओ नीतीशक इ शर्त मानि लेलथि। नीतीश गुजरात स बेसी सीट बिहार स राजग क झोली मे देलथि, जाहि स हुनकर मोदी विरोध मजबूत भेल। आब बारी नीतीशक अछि। जखन आडवाणी लेल मोदी बिहार नहि गेलाह त नीतीश लेल जेबाक कौन जरूरत। निश्चित रूप से मोदीक इच्छा नीतीशक राह कठिन करब स बेसी सुषमाक राह कठिन करब अछि। सुषमा लोकसभा मे विपक्षक नेता छथि आ अगिला लोकसभा चुनाव मे ओ पीएमक दावेदार भ सकैत छथि आ मोदी एकरा लेल तैयार नहि छथि। मोदीक महत्वाकांक्षा पिछला चुनाव मे सामने आबि गेल छल, एहन मे बिहार मोदीक एहि महत्वाकांक्षा कए पूरा करबा लेल जरूरी अछि। मोदी चाहैत छथि जे बिहार मे ओ भाजपा नेता स बेसी राजग नेताक रूप मे स्थापित होएत। आ अपना कए अगिला पीएमक रूप मे प्रचारित करबा कोशिश करथि। मोदीक एहि इच्छा क मौन समर्थन द रहल आडवाणी लेल आब दुविधाक स्थिति अछि किया कि लोकसभा चुनावक बाद मोदी माडल पर भाजपा मे बहस तेज भ गेल अछि। शिवराज आ वसुंधरा सन नेता एहि मसला पर खुलिकए विरोध करि रहल छथि। एहन मे देश कए नेता आ दिशा द चुकल बिहार नीतीश, सुशील, लालू आ पासवानक आगू नरेंद्र मोदी क गप पर वोट देत इ मानव ककरो लेल कठिन अछि।
उड़ीसा मे अपन स्थिति कए देखिकए भाजपा क पैघ नेता इ मानि रहल छथि जे बिहार मे जदयू कए जेतबा जरूरत भाजपा क अछि, ओहि स कहीं बेसी भाजपा कए जदयू क अछि। एहन मे गठबंधन कए तोडब कतहु स काबिलती नहि होएत। दोसर दिस लोकसभा स ल कए एखनधरि कतेक बेर इ सवाल उठल जे नीतीश एनडीए क करीब छथि, मुदा ओ बेर-बेर कहला जे फिलहाल राजग मे छी। इ राजनीतिक कम जानकारी रखनिहार सेहो जनैत छथि जे बिहार विधानसभा चुनाव मे नीतीशक भूमिका केतबा महत्वपूर्ण अछि। जहां तक सुषमा स्वराज्य आ अरूण जेटलीक सवाल अछि ओ सेहो मोदीक एहि अतिमहत्वाकांक्षा कए पार्टी आ गठबंधन लेल नीक नहि मानि रहल छथि।
नवीण पटनायक कए राजग छोडलाक बाद धर्मनिरपेक्ष नेता मे नीतीश असगर बचि गेलाह अछि। नीतीश राजग मे रहैत समान नागरिक संहिता, बाबरी मस्जिद आओर धारा-370 पर भाजपा स बेसी कांग्रेस आ वामदल क लग मे रहलाह। एहन मे मुद्दत स नीतीश क सराहना क मंत्रजाप करि रहल कांग्रेस मोदी क मामला मे नीतीश कए घेरबा लेल तैयार अछि।
बिहार भाजपा क एकटा पैघ नेताक कहब अछि जे गठबंधन लेल अपन तीन टा मुददा कए पहिने इ कहि कए ठंडा बक्सा मे द देने छी जे अपन सरकार बनत त एकरा लागू करब। अर्थात पार्टी इ मानैत अछि जे राजग मे ओकर आदेश सीमित अछि आ सहयोगी दलक इच्छा पर बहुत किछु तय होएत। एहन मे नरेंद्र मोदीक छविक बिहार मे उपयोग करब या नहि करब राजग तय करत आ राजग क नेता नीतीश कुमार छथि।
राजनीतिक जानकारक कहब अछि जे नरेंद्र मोदी आ नीतीषक तुलना नहि भ सकैत अछि, खास क बिहार मे, एहि ठाम नरेंद्र मोदी स मजबूत अपील सुशील मोदीक अछि, नीतीशक त गप छोडू।
राजनीतिक विश्लेषक क कहब अछि जे केंद्र क राजनीति स बिहार लौटलाक बाद नीतीश राज्य मे राजनीति क एकटा नव माडल तैयार कैलथि अछि। नीतीश स्थानीय मुद्दा स राष्ट्रीय राजनीति करनिहार बिहार क पहिल नेता छथि। इ बिहार क लेल नव राजनीतिक शुरुआत है। नीतीश बिहार मे ओहि राजनीति क सेहो शुरुआत कैलथि जाहि मे केंद्र आ राज्य क संबंध एक-दोसर क हित पर निर्भर करैत अछि। न कि पार्टी या गठबंधन पर। एहि प्रकार क राजनीति दक्षिण क राज्य मे होइत रहल अछि। बिहार क परंपरा रहल अछि जे एहि ठामक नेता राज्य स बेसी देश क गप करैत रहल अछि। विकास क लेल एहन राजनीति जरूरी अछि आ नीतीश इ गप लोक कए बुझेबा मे सेहो सफल रहलाह अछि। एहि कारण स ओ जनता स एतबा ताकत देबा लेल कहैत रहलाह अछि जाहि स कोई बिहार क हक मारबाक साहस नहि करि सकए। नीतीश दल आ गठबंधन स परे केंद्र स एकटा एहन संबंध रखलाह, जेे बिहार क हित मे रहल। नीतीश मे दक्षिण क नेता क भांति केंद्र स सौदेबाजी करबाक हिम्मत सेहो अछि आ जम्मू-कश्मीर क मुख्यमंत्री क भांति केंद्र स गुहार लगेबाक मजबूरी सेहो। एहि कारण स एक कात वो केंद्र स टका स बेसी आजादी चाहैत रहलाह, ओतहि दोसर दिस बिहार कए विशेष राज्य क दर्जा दियेबा लेल हल्ला सेहो करैत रहलाह। हुनकर शांत, गंभीर आ भावहीन चेहरा मित्रक लेल सेहो अबूझ पहेली बनल अछि। लालू प्रसाद कहैत छथि जे नीतीश क पेट मे दांत अछि। जदयूक किछु नेता सह मित्र सेहो एहि स इनकार नहि करैत छथि, मुदा हुनकर साफगोई सब कए हैरान करैत अछि। पिछला चारि साल मे जनताक बीच सबसे बेसी रहनिहार सीएम नीतीश लोकक बीच जेबा लेल हरदम तैयार रहलाह। कहियो जनता स सीधा संवाद करब लालू क सबस मजबूत हथियार छल, मुदा एकर विपरीत नीतीश लोक स केवल सीधा संवाद नहि करैत रहलाह, बल्कि गोतिया बनि जाइत छथि। ओ एकटा शिक्षक क भांति लोक कए बुझबैत छथि जे कोना हुनकर सरकार लाठी क जगह कलम पकड़ा कए बिहार क लड़का-लड़की क लेल 21 वीं सदी क मार्ग प्रशस्त केलक अछि। हुनकर भाषण मे आत्मीय बोध एतबा होइत अछि जे भीड़ क रिस्पांस देखैत बनैत अछि। नीतीश जखन इ कहैत छथि जे स्कूली लड़की क लेल पोशाक आ साइकिल क व्यवस्था करब हुनकर सबस पैघ उपलब्धि अछि, ताकि ओ विवाह क बाद जाहि घर मे जाइथि ओकरा सेहो शिक्षित करि सकथि, त भीड़ क अंतिम कतार मे ठार लड़की सेहो अपन ताली क आवाज मंच तक पहुंचेबा लेल हाथ लाल करि लैत अछि। बिहार क जनता क क्षमता कए गौरवांन्वित करैत जखन ओ कहैत छथि जे दिल्ली स हमरा टका नहि चाही। बस दिल्ली हमर विकास योजना कए रोकबाक प्रयास करब छोडि दिए, त इ अपील बिहार मे नरेंद्र मोदीक कोनो भावनापूर्ण अपील स बेसी कारगर होएत।
नरेंद्र मोदी जाहि मसला पर बजबा लेल विख्यात छथि, बिहार मे ओ कोनो मसला नहि अछि। परिवारवाद पर नरेंद्र मोदी जतय असभ्य रूप स हमला करैत छथि, ओहि ठाम नीतीश केवल एतबा कहैत छथि जे आइ ककरो अपन बेटा कए आगू बढे़बाक चिंता अछि, त ककरो अपन भाई आ बहू कए, कोई साला क लेल मरल जा रहल अछि, मुदा हमरा बिहार क नौ करोड़ लोक क चिंता रहैत अछि। बिहार देश कए राजेंद्र प्रसाद क शालीनता देखलक। जयप्रकाश क जीवटता क संग-संग लालू प्रसाद क अल्लहड़ता कए सेहो देखेलक अछि। नीतीश क छवि एहि सब स अलग सेहो अछि आ मिलैत-जुलैत सेहो। एहन मे जखन आइ सब क नजरि नीतीश पर जा करि ठहरि गेल अछि, मोदीक बीच मे हुडदंग करब गडकरीक नेतृत्व क्षमताक उपर सवाल ठार करैत अछि, किया कि बिहारक जनता त राजनीतिक रूप स ततबा जागरूक अछि जे ओ देष कए बाट देखेबाक काज करैत रहल अछि, अपन बाट ताकि लेत, मुदा भाजपाक हालात माया मिली ना राम वाला भ सकैत अछि।

'साभार: इसमाद डाट कॉम www.esamaad.com

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बृहस्पतिवार, 9 सितम्बर 2010

डॉ. जयमन्त मिश्रक निधन


डॉ. जयमन्त मिश्रक निधन दरभंगामे ७ सितम्बर २०१०केँ भऽ गेलन्हि।
डॉ. जयमन्त मिश्र १९२५-२०१०

जन्म १५-१०-१९२५ मृत्यु ०७-०९-२०१०, गाम-ढंगा-हरिपुर-मजरही।

१९९५- जयमन्त मिश्र (कविता कुसुमांजलि, पद्य) लेल साहित्य अकादेमी पुरस्कार- मैथिली।

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किडनी चोर - कविता - किशन कारीग़र

किडनी चोर - कविता - लेखक: किशन कारीग़र

 
देखू-देखू केहेन जमाना आबि गेल
मनुखक हृदय भऽ गेल केहेन कठोर
सभ सॅं मुँह नुकौने, चुपेचाप
भागि रहल अछि एकटा किडनी चोर।

डॉक्टर भऽ के करैत अछि डकैति
कोनो ग़रीबक बेच लैत अछि किडनी
पुलिस तकैत अछि ओकरा इंडिया मे
मुदा ओ परा जाइत अछि सिडनी।

कोनो ग़रीबक किडनी बेचि कऽ
संपति अरजबाक केहेन ई अमानवीय भूख
केकरो मजबूरीक फायदा उठा कऽ
डॉक्टर तकैत अछि खाली अपने सूख।

केकरो जिनगी बॅंचौनिहार डॉक्टर रूपयाक लोभ में
बनि गेल आब किडनी चोर
छटपटा रहल अछि एकटा गरीबक करेजा
कनैत-कनैत सूखा गेलै ओकर ऑंखिक नोर।

मनुख आब केहेन लोभी भऽ गेल
आब ओ किडनी बेचब सेहो सीख गेल
राता-राति अमीर बनबाक सपना देखैत अछि
रूपया खातीर ओ किछू कऽ सकैत अछि।

मनुख भऽ के मनुखक घेंट काटब
कोन नगर में सिखलहूँ अहॉं
आबो तऽ, बंद करू किडनी बेचबाक धंधा
मानवताक नाम सगरे घिनेलहूँ अहॉं।

कोनो गरीबक किडनी बेचि कऽ
महल अटारी बनाएब उचित नहीं थीक
एहेन डॉक्टरीक पेशा सॅं कतहू
मजूरी बोनिहारी करब बड्ड नीक।

हम अहिं के कहैत छी यौ किडनी चोर
एक बेर अपने करेजा पर छूरी चला कऽ देखू
कतेक छटपटाइत छैक करेजा
एक बेर अपन किडनी बेचि कऽ तऽ देखू।

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सोमवार, 6 सितम्बर 2010

कनियाँ - किशन कारीग़र..



कनियॉ - लेखक: किशन कारीग़र


मोन रखियौ कनेक हमरो पिया
सोलहो सिंगार कए बैसल छी हम एसगर
भेंट होएब कहिया अहॉ मोन मे आस लगेने
अहॉक बाट तकैत छी हम एसगर।

कौआ कूचरल भोरे-भोर
चुपेचाप हमरा केलक सोर
कहलक जल्दीए औतहुन तोहर ओझा
लिपिस्टीक लगा हम रंगलहुॅ अपन ठोर।

परदेश जाइत-मातर यौ पिया
किएक बिसैर जाइत छी नबकनियॉ के
नहि बिसरब कहियो परदेश मे हमरा
सपत खाउ हमरा पैरक पैजनीयॉं के।

जूनि रूसू अहॉ सजनी नहि घबराउ यै
मोन पड़ैत छी अहॉ तऽ लगैत अछि बुकोर यै
मुदा कि करू नहि भेटल तनखा समय पर
नहि किनलहुॅ अहॉंक लेल लहंगा पटोर यै।

साड़ि पहिर हम गुजर कए लेब
नहि चाहि हमरा राजा लहंगा पटोर यौ
अहॉक सुख-दुख मे रहब सहभागी
देखितहुॅं अहॉ के ऑखि सॅ झहरैत अछि नोर यौ।

अहिंक बियोग मे दिन राति जरैत छी
इजोरिया मे टुकूर-टुकूर अहिं के देखैत छी
अहिंक संग एहि बेर घूमब चैतीक मेला
मोने मोन हम एतबाक नियार करैत छी।

बड्ड केलहुॅं नियार अहॉ आबि कऽ देखू
मुस्की माइर रहल छी हम चौअनियॉं
जल्दी चलि आउ गाम यौ पिया
चिªट्ठी लिख रहल अछि एकटा नबकनियॉं।


लेखक:- किशन कारीग़र
परिचय:-जन्म- 1983ई0 कलकता में मूल नाम-कृष्ण कुमार राय किशन’। पिताक नाम- श्री सीतानन्द राय नन्दू’माताक नाम- श्रीमती अनुपमा देबी। मूल निवासी- ग्राम-मंगरौना भाया-अंधराठाढ़ी जिला-मधुबनी बिहार। हिंदी में किशन नादान आओर मैथिली में किशन कारीग़र के नाम सॅं लिखैत छी। हिंदी आ मैथिली में लिखल नाटक आकाशवाणी सॅं प्रसारित एवं दर्जनों लघु कथा कविता राजनीतिक लेख प्रकाशित भेल अछि। वर्तमान में आकशवाणी दिल्ली में संवाददाता सह समाचार वाचक पद पर कार्यरत छी। शिक्षाः- एम फिल पत्रकारिता एवं बी एड कुरूक्षे़त्र विश्वविद्यालय कुरूक्षेत्र सॅं।

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रविवार, 5 सितम्बर 2010

गजल

सोना भेटत सस्ता मँहग बड्ड चाउर देखब एक दिन
लोक एहिना लूटत हबाउर देखब एक दिन

अहाँ संग हमरा देखि सदिखन
लोक जरत आ बनत छाउर देखब एक दिन

विधान सभा लोक सभा शोक सभा
भूखल जनता दैत रहत धमाउर देखब एक दिन

हुनकर धोधिए देखि मेटा गेल भूख हमर
एहिना अँहू सभ करब चराउर देखब एक दिन

नोरक खिच्चरि दर्दक तिलबा कष्टक चुड़लाइ
एहिना हएत अनचिन्हार जड़ाउर देखब एक दिन

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बृहस्पतिवार, 2 सितम्बर 2010

मन्त्री जी के कोनो ने चिन्ता

प्रभात

घाम चुबैत मरि रहल किसान
खापरी मे छै कनिए धान
मुसरी ओ खापरी लई जाए
नेता स' अफसर धारि खाए

नेता स’ अफ़सर धरि खाए
बोरी बोरी धान सडाए
भूखे मरय त’ मरथुन जनता
मन्त्री जी के कोनो ने चिन्ता

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मिथिलाक खानपान...

मिथिलाक खानपान-नीलिमा चौधरी आ राखी साह... मखानक खीर सामग्री- दूध-१ १/२ किलो, चिन्नी-१०० ग्राम, मखान कुटल- १०० ग्राम, इलाइची पाउडर- स्वाद अनुसार, काजू- १० टा, किशमिश-२०टा बनेबाक विधि- मखानक पाउडर (कनी दरदरा)क पहिने १/२ किलो ठंढ़ा दूधमे घोरि लिअ, शेष दूध केँ खौला लिअ। आब गर्म दूधमे ई घोड़ल मखानक मिश्रण मिला दियौक आर करौछसँ लगातार चलबैत रहियौक जाहिसँ मिश्रण पेनीमे बैसय नहि। .... (आगाँ पढू)

मिथिलांचलक विकास..

मिथिलांचलक विकास... मिथिलांचल क्षेत्र बिहार मे सबस पिछड़ल मानल जाइत अछि, अगर प्रतिव्यक्ति आय , साक्षरता और प्रसवकाल मे जच्चा-बच्चा के मृत्यु के मापदंड बनायल जाय तो मिथिलांचल देश के सबस गरीब आ पिछड़ल इलाका अछि। एकर किछु कारण त अहि इलाका के भौगोलिक बनावट अछि... (आगाँ पढू)

मिथिला अरिपन....

मिथिला चित्रकला- स्त्री आ पुरुषक दशपात अरिपन / स्वास्तिक अरिपन... स्त्रीगणक दशपात अरिपनकन्याक मुण्डन,कान छेदन आ' विवाहक अवसर पर कुलदेवताक घर आकि मण्डप पर बनाओल जाइत अछि।बनेबाक- विधि। एकर बनेबाक विधि सूक्ष्म अछि।ऊपरमे तीन पातक पुष्प, ,ओकरनीँचा पाँच-पातक कमल-पुष्प,ओकर नीचाँ सात-पात युक्त्त कमल, बीचमे अष्टदल कमल अछि। दश पात चारू दिशि अछि। नौ टा माँछक चित्र सेहो अछि... (आगाँ पढू)

एक विलक्षण प्रतिभा...

एक विलक्षण प्रतिभा जिनका हम सदिखन याद करैत छी (प्रथम कड़ी) - कुसुम ठाकुर..... एक बेर हमारा एक पत्रिका में किछु लिखय लेल कहल गेल छल, ई सन् १९९६ क गप्प थिक। हम बस एतबे लिखी सकलौं "हम की लिखी हमर त लेखनिये हेरा गेल"। मुदा आई बुझना जैत अछि जे नै, हमारा एकटा कर्तव्यक निर्वाहन... (आगाँ पढू),
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चिनबारक दीप...

चिनबारक दीप–उषा किरण खान... समस्तीपुर मे गाड़ी बदली कऽ महेसरी अइमे बैसलि सरिया कऽ। आब घर बेसी लग आयल जाइत छैक। चारि टीसन आ छैक, फे तऽ टीसन सऽ एक कोस जमीन हैतै। चारि-पाँच गोटाक हेंज छैक्। बौआइत-बतियाइत गाम पहुँचि जयतै। आठे दिनुका दिन छैक, की सब करतै? एह, करऽक की छैक? सभटा बस्तुजात तऽ कीननहिं जाइत छैक.... (आगाँ पढू)

बिदेसिया (संकल्पित नाटिका)

विद्यापतिक बिदेसिया (संकल्पित नाटिका).... भोजपुरीक साहित्य मैथिलीसँ कम समृद्ध अछि मुदा से अछि मात्र परिमाणमे, गुणवत्ताक दृष्टिमे ई कतेक क्षेत्रमे आगाँ अछि। भोजपुरीक भिखाड़ी ठाकुरक बिदेसियाक सन्दर्भमे हम ई कहि रहल छी। भिखाड़ी ठाकुर कलकत्तामे प्रवासी... (आगाँ पढू)

पाँच पत्र...

पाँच पत्र-हरिमोहन झा... प्रियतमे अहाँक लिखल चारि पाँती चारि सएबेर पढ़लहुँ तथापि तृप्ति नहि भेल। आचार्यक परीक्षा समीप अछि किन्तु ग्रन्थमे कनेको चित्त नहि लगैत अछि। सदिखन अहींक मोहिनी मूर्ति आँखिमे नचैत रहैत अछि। राधा रानी मन होइत अछि जे अहाँक ग्राम वृन्दावन बनि जाइत, जाहिमे केवल अहाँ आ हम राधा-कृष्ण जकाँ अनन्त काल धरि विहार करैत रहितहुँ... (आगाँ पढू)

कथा- माउगि

कथा- माउगि - विभा रानी.... माउगि, माउगि, गे माउगि, गे माउगि! तों माउगि, हम माउगि, ई माउगि, ऊ माउगि - सभ किओ माउगे-माउगि। ऊँहूँ - सभ किओ भला माउगि हुअए। ई तय कर' बाली तों के? अएं गे? तोरा कहिया स' भेटलौ ई हक? ई सभ काज-धंधा हमरा आओरक अछि - हमरे आओर के करे दें। देख त' कने, तोहरो आओर के कतेक रंग-बिरंगा रूप दिया देलियौ! माउगि, गे माउगि.... (आगाँ पढू)

मातृत्व...

डा. मंजू गीता मिश्राक आलेख : मातृत्व.... नारी जीवनक सबसँ गौरवशाली एवं सुखद अनुभव थिक मातृत्व ।ई नारी जीवनक परिपूर्णताक प्रतीक अछि । पूरा नौ मास अपन गर्भमे फलैत-फूलैत एक शिशुक अपन जान सँ बेसी देखभाल करैत छथि । तत्पश्चात एक फूल सन सुन्दर सुकोमल शिशु जन्म लैत अछि, यैह स्त्रीक सबसँ अनमोल उपहार एवं आनन्ददायक क्षण थिक । एहि नौ मासक दौरान गर्भवतीक भोजन एवं वातावरण पर निर्भर करैत अछि.... (आगाँ पढू)
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मैथिल आर मिथिला
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